बालोद। गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम पंचायत बोडेना की महिला सरपंच रोशनी बाई साहू को आखिरकार सलाखों के पीछे जाना पड़ा। अर्जुंदा के एक पत्रकार से अभद्रता के अलावा गांव के अन्य भोले भाले लोगों पर दबंगई के चलते यह कार्रवाई की गई है। मामले में मुख्य प्रार्थी योगेंद्र उइके निवासी अर्जुंदा की शिकायत पर अजाक थाने में गाली गलौज धमकी व एसटी एससी की धारा के तहत केस दर्ज किया गया था। जिस पर गिरफ्तारी हुई है। मामला एसटी एससी एक्ट से जुड़े होने की वजह से राजपत्रित अधिकारी के अंतर्गत डीएसपी दिनेश सिन्हा ने महिला सरपंच की गिरफ्तारी की। जिन्हें रिमांड पर दुर्ग महिला जेल भेजा गया। इसके अलावा उक्त महिला सरपंच के खिलाफ तीन और शिकायतें भी प्राप्त हुई थी। जिन्हें भी पुलिस प्रशासन ने उनके केस में जोड़ा है। ग्रामीणों ने भी सामूहिक शिकायत की थी कि उनके आतंक से सब त्रस्त हैं। उन पर तरह-तरह से दबाव बनाया जाता है। अगर वह गलत कर रही है तो उसके खिलाफ आवाज उठाने पर उल्टा उन्ही फंसा देने की धमकी दी जाती है। पत्रकार से भी इसी तरह की धमकी भरे लहजे के साथ बात की थी। तो वही उठवा देने की धमकी गई थी। पर मामला यहां उल्टा पड़ गया। वह जातिगत गाली गलौज करने के आरोप सहित धमकाने पर पत्रकार की शिकायत पर यह गिरफ्तारी हुई है।
पेड़ कटाई से शुरू हुआ था मामला
बता दें कि अर्जुंदा के एक पत्रकार योगेंद्र उके जो उक्त गांव में विगत दिनों अखबार पहुंचाने गए थे। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा उन्हें बताया गया कि तालाब पास में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई करवा दी गई है। मनरेगा के आड़ में यह कटाई की गई है और सरपंच द्वारा इसे कटवाया गया है। इस जानकारी के मिलने के बाद पत्रकार योगेंद्र तालाब की ओर गए। उन्होंने मोबाइल से तस्वीर ली और वापस जाने लगे। इस बीच सरपंच ने उन्हें रुकवाया और घर पर बैठकर बात करने के लिए ले गए। जहां उसने धमकी दे दी की तुम मेरे गांव में आकर फोटो खींचने वाले कौन होते हो। मेरी इजाजत के बगैर मेरे गांव की खबर नहीं छाप सकते। मैं तुम्हें उठवा दूंगी। इस तरह की कई बातें बोलकर व जातिगत गाली देकर सरपंच द्वारा पत्रकार से अभद्रता की गई थी। जिसके बाद तत्काल ही पत्रकार ने अर्जुन्दा थाने में लिखित शिकायत की थी। वहीं एसपी को भी इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था। राजस्व विभाग के जांच में भी पेड़ों की अवैध कटाई का मामला उजागर हुआ था। जिस पर लकड़ियों की जब्ती भी बनाई गई थी। तब से विवाद में नया मोड़ लिया और मामला थाने तक पहुंचा। थाने से एसपी तक फिर बयानों के बाद एसटी एससी एक्ट का केस दर्ज किया गया। अजाक थाना प्रभारी पदमा जगत ने बताया कि जब बयान लेने के लिए हमारे स्टाफ गांव जाते थे तो सरपंच द्वारा उन गवाहों को भी धमकी दे दी जाती थी। लगातार उसकी दबंगई की शिकायत आ रही थी। जिस पर मामला दर्ज था ही। इधर डीएसपी दिनेश सिन्हा द्वारा गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ज्ञात हो कि ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी सरपंच की दबंगई के चलते कोई आवाज नहीं उठा पाते थे। लोग गलत होते देखते रहते थे। पर इस बार सरपंच को एक पत्रकार से बदजुबानी करना महंगा पड़ गया और उन्हें अंततः सलाखों के पीछे जाना पड़ा।
DailyBalodNews ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
ज्ञात हो कि मीडिया कर्मी से अभद्रता के साथ साथ सरपंच द्वारा दबंगई पूर्वक पेड़ों की अवैध कटाई के मामले को हमने गंभीरता से उठाया था और इसे प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। ग्रामीणों द्वारा भी इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की गई थी। ताकि हरियाली को सुरक्षित किया जा सके। पहले भी सरपंच द्वारा पेड़ों की कटाई करवाई गई थी। जो जांच में भी सही पाया गया था। इसके बाद भी अपनी हरकतों से बाज न आकर सरपंच हरियाली की बलि देती जा रही थी और अंततः अब उन्हें मुंह की खानी पड़ी अब महिला सरपंच को जेल जाना पड़ा।
संबंधित खबर भी जरूर पढ़ें क्लिक करें हेडिंग पर
