सरकारी दावे की खुलती पोल-भूपेश बघेल सरकार में सरकारी स्कूलों का हाल बदहाल , स्कूल जाकर आप नेताओं ने देखा हाल



बालोद।एक तरफ जहां कांग्रेस नेता और समर्थक छत्तीसगढ़ में कल से एक स्कूल की फ़ोटो सोशल मीडिया पर डालकर भूपेश बघेल की वाहवाही कर रहे हैं। तो दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के लोग स्कूलों में जाकर वास्तविकता सामने ला रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम चन्द्राकर ने कहा- छत्तीसगढ़ में लगभग 55000 से अधिक सरकारी स्कूल है जिनमें लाखों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे है लेकिन उनकी जर्जर अवस्था , व्यवस्था और शिक्षकों की उपलब्धता आज भी लगभग भगवान भरोसे ही है।आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार के ढाई साल पूरे हो गए हैं और सरकार का दावा महज दिखावा रह गया है और शिक्षा में उन्नति को लेकर प्रदेश की स्थिति बद से बदहाल हो गई है। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश स्तर पर सरकार के इन दावों की सच्चाई जानने का फैसला किया है । कम से कम 300 सरकारों स्कूलों की हकीकत आम आदमी पार्टी उजागर करने वाली है ।आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में अपने आस पास के स्कूलों में जाकर उनकी यथास्थिति से रूबरू हो रहे और जनता के सामने असलियत रख रहे।
दीपक आरदे जिला अध्यक्ष बालोद ने कहा प्रदेश में भूपेश की कांग्रेस सरकार और बीजेपी सरकार दोनो ने ही नूरा कुश्ती करते हुए कभी भी शिक्षा का स्तर सुधारने की कोशिश ही नहीं की है। हमेशा दिखावा कर कुछ स्कूलों में कंप्यूटर लगा कर , रंग रोगन कर उदघाटन कर बड़े बड़े दावे कर जनता को मुंगेरी लाल के सपने दिखा दिए जाते है और हकीकत में कुछ भी बदलाव देखने को नहीं मिलता। कुछ महीनों बाद पता चलता है कि ये सारी खरीद फरोक्त भी घोटालों और भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई और कोई उपकरण काम नहीं कर रहा है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अब लगातार सभी सरकारी स्कूलों के दौरे कर स्कूली शिक्षा के स्तर की पोल खोल कर जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे।

आम आदमी पार्टी का भूपेश सरकार से ये सवाल है:-

1- शिक्षा का बजट कितना फीसदी है ?

2- प्रदेश में कितने अंग्रेजी मीडियम आत्मानंद स्कूल तैयार हुए हैं, सरकार उसका जबाव दे ।

3- 55000 सरकारी स्कूलों को सरकार ने भगवान भरोसे क्यों छोड़ा है ।
4- रमन के कार्यकाल में जो 3600 स्कूल बंद हुए , उनपर क्या कार्यवाही हुई।

5- जिन स्कूलों को इग्लिश मीडियम में तब्दील किया है उन स्कूल के बच्चों को कहां शिफ्ट किया गया।

6- सरकार ने कहा था कि जिले के सभी ब्लॉक से बच्चों को इग्लिश मीडियम में लिया जाएगा लेकिन सिर्फ 3-4 किलोमीटर के ही बच्चों का दाखिला हुआ है

7.शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 979 स्कूल भवन विहीन हैं, यानी इनमें से अधिकांश स्कूल किसी झोपड़ी में, किसी बरामदे में या किसी पेड़ के नीचे लगते हैं । इनकी हालत कब सुधरेगी ।

  1. राज्य के 18,147 स्कूलों में बाउंड्री वॉल ही नहीं है , इनकी सुध सरकार कब लेगी ?

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