
भिलाई में ठिकाना बनाकर बालोद और आसपास के क्षेत्रों में देते थे वारदात को अंजाम, दो आरोपी जेल भेजे गए
बालोद, 13 जून। जिले में लगातार हो रही ट्रकों से डीजल चोरी की घटनाओं के बीच बालोद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय डीजल चोरी गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त वाहन, मोबाइल फोन तथा चोरी का डीजल सहित कुल 5 लाख 51 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों में शिवपाल उर्फ शिवा वाल्मिकी (19 वर्ष), पिता पीरुलाल वाल्मिकी, निवासी ग्राम छापीहेड़ा, प्राथमिक स्कूल के पास, थाना सिटी कोतवाली शाजापुर, जिला शाजापुर (मध्यप्रदेश) तथा देवेन्द्र विश्वकर्मा (25 वर्ष), पिता राधेश्याम विश्वकर्मा, निवासी ग्राम छापीहेड़ा, थाना सिटी कोतवाली शाजापुर, जिला शाजापुर (मध्यप्रदेश) शामिल हैं।
लगातार चोरी की घटनाओं के बाद बनाई गई विशेष टीम
लगातार क्षेत्र में हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बालोद बोनीफॉस एक्का के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा एवं साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
नेवारीखुर्द में ट्रकों से 560 लीटर डीजल चोरी से खुला मामला
मामले की शुरुआत ग्राम नेवारीखुर्द निवासी खिलेश्वर सिंह तारम की शिकायत से हुई। शिकायत के अनुसार उनका ट्रक क्रमांक सीजी 19 बीयू 5241 मेटाबोदली माइंस अंतागढ़ से माल खाली कर गांव लौटने के बाद प्राथमिक स्कूल के पास खड़ा किया गया था। वहीं चालक दिनेश कुमार यादव ने अपना ट्रक क्रमांक सीजी 04 एनजेड 8509 भी उसी स्थान पर खड़ा किया था।
दिनांक 4 जून की सुबह दोनों ट्रकों की जांच करने पर डीजल टंकियां खाली मिलीं। जांच में कुल 560 लीटर डीजल, जिसकी कीमत लगभग 57 हजार 106 रुपये थी, चोरी होना पाया गया।
नाकेबंदी के दौरान संदिग्ध कार पकड़ी गई, चालक फरार
डीजल चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस टीम झलमला क्षेत्र में नाकेबंदी कर वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक एमपी 09 सीजे 6475 दिखाई दी। पुलिस को देखकर वाहन चालक भाग गया जबकि दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया।
पूछताछ में फरार आरोपी की पहचान समीर मेवाती निवासी दुपाड़ा (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई।
भिलाई में होटल लेकर रहते थे, रात में करते थे चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जून माह की शुरुआत में भिलाई पहुंचे थे और होटल में ठहरे थे। मुख्य आरोपी शिवपाल ने समीर मेवाती को प्रतिदिन 500 रुपये और 35 लीटर डीजल देने का लालच देकर साथ रखा था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी अपने साथी भूपेन्द्र राजपूत निवासी इंदौर के स्वामित्व वाली स्विफ्ट डिजायर कार का उपयोग करते थे। आरोपी रात में बालोद क्षेत्र में पहुंचकर सड़क किनारे खड़े ट्रकों के डीजल टैंक तोड़कर पाइप से डीजल निकालते थे।
आरोपियों ने ग्राम लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा एवं बालोद शहर में कई वारदात करना स्वीकार किया।
चोरी के पैसों से खरीदी स्कॉर्पियो, बैंक खाते में भेजते थे रकम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी का डीजल भिलाई ले जाकर बेचते थे। चोरी से प्राप्त राशि से लगभग दो लाख रुपये में स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक सीजी 10 एफए 1228 खरीदी गई तथा करीब 80 हजार रुपये एजेंट के माध्यम से अपनी मां के पंजाब नेशनल बैंक खाते में भेजे गए।
खंडहर परिसर से बरामद हुआ 490 लीटर डीजल और कई वाहन
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम सेक्टर-06 भिलाई स्थित पुराने एलआईसी कार्यालय परिसर के खंडहर क्षेत्र में पहुंची। वहां से पुलिस ने स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक एमपी 09 सीजे 6475, सुमो गोल्ड क्रमांक सीजी 07-0563, स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी 10 एफए 1228, 14 बड़े प्लास्टिक गेलनों में भरा 490 लीटर डीजल, प्लास्टिक पाइप, मोटोरोला मोबाइल एवं एप्पल कंपनी का टच स्क्रीन मोबाइल जब्त किया।
जब्त संपत्ति की कुल कीमत 5 लाख 51 हजार रुपये आंकी गई है।
बालोद और अर्जुन्दा में पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ थाना बालोद में अपराध क्रमांक 159/2026, 268/2026, 269/2026, 278/2026, 279/2026 तथा थाना अर्जुन्दा में अपराध क्रमांक 52/2026 दर्ज हैं। सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं लागू की गई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है जबकि फरार आरोपी समीर मेवाती एवं अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, सउनि देवकुमार कोर्राम, प्रधान आरक्षक हरिशचंद्र सिन्हा, आरक्षक जितेन्द्र कुमार सिन्हा, संजय सोनी, मोहन कोकिला, बनवाली साहू, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक विवेक शाही, आरक्षक संदीप यादव, राहुल मनहरे, आकाश सोनी, आकाश दुबे, पुरन देवांगन, विपिन गुप्ता, गुलजारी साहू एवं भोपसिंह साहू की विशेष सराहनीय भूमिका रही।









