बालोद।
आज पूरे देश में चिकित्स्कों पर हो रहे हमलों के खिलाफ बालोद में भी चिकित्स्कों ने विरोध प्रदर्शन किया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन डॉक्टरों पर हो रहे हमलों से बहुत चिंतित और क्षुब्ध है और चाहता है कि कानून ऐसे लोगों पर सख्त – से -सख्त कार्रवाई करे। आई एम ए की बालोद एवं दल्लीराजहरा शाखा ने भी पूरी शिद्दत से विरोध प्रदर्शन किया। सभी डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर अतिरिक्त ज़िलाधीश अनिल वाजपेयी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिये मांग की गयी कि हमलावरों के लिए 10 साल के कारावास का प्रावधान हो और इसमें आईपीसी तथा सी आरपीसी की धाराओं को भी शामिल किया जाए। आपको बता दें कि पहले यह प्रावधान था जिसे मंत्री स्तरीय बैठक में निरस्त कर दिया गया। डॉक्टरों ने माँग कि कि ऐसे केसों में शीघ्रातिशीघ्र कार्रवाई कर सख्त सजा दी जाये। असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त हों और समाज में कानून के राज का सन्देश जाए। साथ ही डॉक्टरों ने यह भी मांग की कि महामारी के दौरान सैकड़ों डॉक्टरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। ऐसे डॉक्टरों को कोरोना शहीद का दर्जा देते हुए उनके परिवारों को तत्सम्बन्धी सुविधाएँ प्रदान की जाएँ। चिकित्स्कों के विरुद्ध अनर्गल बयानबाजी करनेवालों पर भी सख्त और त्वरित कार्यवाही की जाने की जरूरत है ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा चिकित्सा के क्षेत्र में आएं जो अंततः समाज के हित में होगा।ज्ञापन देने बालोद आईएमए के अध्यक्ष डॉ प्रदीप जैन, सचिव डॉ एवी महिश्वर,डॉ राहुल अग्रवाल एवं दल्लीराजहरा के डॉ जाना, डॉ अमित तिवारी व डॉ राजीवलोचन शर्मा उपस्थित थे।
देश भर में चिकित्सकों के ख़िलाफ़ हिंसा के विरोध में दिया गया ज्ञापन, आईएमए ने की मांग 10 साल की सजा मिले हमलावरों को
