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कांकेर जिले के संकुल समन्वयक बने पढ़ई तुंहर दुआर के हमारे नायक, जिनकी सफलता की कहानी लिखी है राज्य स्तरीय ब्लॉग लेखक विवेक धुर्वे ने

कांकेर

जहाँ एक ओर सभी विद्यार्थी के सामने स्कूल बंद की समस्या थी, ऐसे विषम परिस्थिति में पढ़ाई कैसे होगी | वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ शासन की योजना cgschool.in के पोर्टल पढ़ई तुंहर दुआर के शिक्षा रूपी पोर्टल से सभी बच्चों का भविष्य गढ़ रहे शिक्षक | इसी कड़ी में कांकेर जिले के संकुल केन्द्र कोदाभाट के संकुल समन्वयक अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे है | इसी के चलते पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के अंतर्गत cgschool. in पोर्टल के हमारे नायक के कॉलम के राज्य स्तरीय ब्लॉग लेखक विवेक धुर्वे से चर्चा करते हुए श्री कमलेश्वर साहू ने बताया कि उनके द्वारा अपने संकुल में शुरू से ही सारी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है |

विवेक धुर्वे ब्लॉग लेखक

 शिक्षा केवल अतीत और वर्तमान के लिए जरुरी नहीं है, बल्कि यह भविष्य की कुंजी भी है | यह हमारे बच्चों को 21 वीं सदी की बौद्धिक चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेगा | शिक्षा यह भी सिखाती है कि उन्हें कैसे सोचना और सीखना है | आज हम जो अपने बच्चों को दे सकते है, इनमें सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है, शिक्षा किसी भी देश की आत्मा होती है, इसके बिना एक विकसित और शक्तिशाली देश की कल्पना नहीं किया जा सकता | एक शिक्षित व्यक्ति का सभी जगह सम्मान होता है | आज शिक्षा रूपी विद्यालय बंद है पर छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से सभी शिक्षकों के द्वारा सभी विद्यार्थियों को शिक्षा जोड़े रखा है | प्रत्येक व्यक्ति की सफलता उसके विचारों पर निर्भर करती है | व्यक्ति के विचार ही उसे सफलता और असफलता की एक ओर ले जाते हैं | कुछ विचार ऐसे होते है, जिसे पढ़ने के बाद आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है | महान पुरुषों द्वारा कहे गए उनके महान विचारों का जो व्यक्ति अपने जीवन में अनुसरण करता है | वह अपने जीवन में सफलता जरूर प्राप्त करता है |


आज हमारे नायक के रूप में कांकेर जिले के संकुल शैक्षिक समन्वयक श्री कमलेश्वर साहू जी का चयन हुआ है | श्री साहू इस कोरोना काल में भी काफी सक्रियता के साथ अपने संकुल अंतर्गत विद्यालय के बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने में सराहनीय भूमिका निभाये है |
श्री साहू जी के द्वारा किये गये कार्य :-
अभ्यास पुस्तिका :-  बीआरसी कार्यालय से पुस्तक प्राप्त होते ही सभी स्कूलों को उसके दूसरे दिवस ही वितरण कर दिया गया | अभ्यास पुस्तिका के बारे में सभी शिक्षकों को जानकारी दिया गया | सभी शिक्षकों को बताया गया कि अभी कोरोना काल में गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी बच्चों को पुस्तक वितरित किया जाए एवं बच्चों को फोन एवं व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी बच्चों से संपर्क बनाए रखें और जानकारी लेते रहे, बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करें |  सभी शिक्षकों से फोन के माध्यम से कार्य के बारे में जानकारी इनके द्वारा लिया जाता है | संबंधित समस्या का समाधान किया जाता है | सभी बच्चों को घर में सीखने हेतु सभी पुस्तिकाओं का वितरण हो चुका है |  इनके स्तर पर अभी स्कूलों में बच्चों के साथ अभ्यास पुस्तिका के कुल 17  कार्य किये जा रहे हैं |
 शिक्षकों के द्वारा किए जा रहे अन्य अभ्यास पुस्तिकाओं हेतु नवाचारी कार्य/प्रयास :-  बच्चे और शिक्षक मिलकर पढ़ाई में निरंतर आदान-प्रदान हो रहा है |  शिक्षकों द्वारा बच्चों की समस्याओं का निराकरण भी किया जा रहा है और उन्हें नवाचार हेतु प्रेरित किया जाता है |
टी.एल.एम. के अंतर्गत कार्य:- संकुल क्षेत्र अंतर्गत अधिकांश शिक्षक टी.एल.एम.बनाते हैं,और टी.एल.एम. के द्वारा पढ़ाई करवाया जाता है, बच्चे भी टी.एल.एम.निर्माण में सहयोग देते हैं |
खिलौना निर्माण में कार्य – बच्चों द्वारा खिलौने बनाकर लाया जाता है व सभी शिक्षकों जे द्वारा उनको सिखाया जाता है, जिससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि जागृत होती है |
मोहल्ला कक्षा :- मोहल्ला कक्षा में उपस्थिति 850 और लगभग 3 गांव एवं शहर के 2 वार्ड में संचालित रहा है | मोहल्ला क्लास में लगभग 90 प्रतिशत बच्चों की उपस्थित रहती थी,जो कि शिक्षकों द्वारा सतत रूप से प्रतिदिन लिया जा रहा था | जिसकी मॉनिटरिंग इनके द्वारा प्रतिदिन किया जा रहा था | मॉनिटरिंग की गतिविधि फोटोग्राफ्स प्रतिदिन उच्च कार्यालय में भेजी जाती है | लगातार बच्चों एवं शिक्षकों को मोहल्ला क्लास के प्रति प्रेरित किया गया |
निखार संबंधित पुस्तकों :-माध्यमिक एवं हाई स्कूल में निखार संबंधित पुस्तकों का वितरण किया गया एवं बच्चों द्वारा वितरित कर अभ्यास कार्य भी करवाया जाता था |

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