
दीवारों पर लिखे जा रहे ये नारे, हो रही मुनादी
बालोद। विगत दिनों ग्राम अरज गुंडरा के छपरपारा में एक आदिवासी किसान भगवान सिंह कुमेटी मूल निवासी आमापारा बालोद की हाथियों द्वारा कुचलने से मौत हो गई थी। इसके अलावा लगातार हाथियों का दल खुर्सी टिकुर, लिमउडीह व आसपास के क्षेत्र में विचरण कर रहा है। जिसे देखते हुए लगातार वन विभाग का अमला लोगों को सावधान कर रहा है। हाथी विचरण क्षेत्र ग्राम खुर्सीटिकुर, सुरडोंगर, लिमउडीह, रजोलीडीह, जबकसा में विभाग का अमला डटा हुआ है और वहां लोगों की सुरक्षा के लिए गलियों में स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है। इतना ही नहीं दीवारों पर नारे लिखकर लोगों को सचेत भी किया जा रहा है कि लोग सावधानी बरतें। शराब या किसी भी नशे में खेत की ओर ना जाएं। सूर्यास्त के पश्चात व सूर्योदय के पूर्व जंगल की ओर ना जाए। अंधेरा होने के बाद रात्रि में कोई भी ग्रामीण अपने खेतों के कच्चे मकान या झोपड़ियों में ना रुके। इसके लिए बकायदा वन परिक्षेत्र डौंडी के अधिकारी द्वारा सभी सरपंच सचिवों को एक निर्देश भी जारी किया गया है। जो 8 बिंदुओं पर आधारित है। जिसमें सभी तरह की सावधानी के बारे में बताया गया और सभी सरपंचों व सचिवों को कहा जा रहा है कि उन बिंदुओं पर गांव में मुनादी कराई जाए व दीवार लेखन किया जाए।
क्या है वे सावधानी जिन्हें लोगों को बरतना है ताकि न हो फिर कोई बड़ी घटना
डौंडी परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक कहा गया है कि सूर्यास्त के बाद वे सूर्योदय के पहले जंगल की ना जाए। अंधेरा होने के बाद रात में कोई भी ग्रामीण अपने खेतों के कच्चे मकान या झोपड़ी में ना रुके। जंगल के पास के ग्रामीण कच्चे घरों को छोड़कर रात्रि में पक्के मकानों में जाकर रहें। जंगल के पास ग्रामीण अपने घरों में कच्ची महुआ शराब न बनाये। महुआ शराब बनाने के लिए महुआ सुखा कर या भिगोकर ना रखें। शराब या अन्य किसी भी नशे में खेतों में या जंगल में ना जाएं। गांव के चारों ओर ज्यादा से ज्यादा रोशनी रखें। खेत एवं बाड़ी के बिजली पंप बोर्ड का कनेक्शन रात में पूरी तरह बंद रखें। हाथी दल से किसी भी प्रकार की छेड़खानी न करें। हाथी दल के पास जाने का प्रयास न करें अन्यथा हाथी आक्रमण कर सकते हैं।
हाथी प्रभावित गांव का जायजा लेने के लिए पहुंची दुर्ग से अधिकारी

हाथी प्रभावित गांवों में हालातों का जायजा लेने व दिशा निर्देश देने के लिए दुर्ग से मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना भी पहुंची। जिन्होंने डीएफओ बालोद व उपवन मंडल अधिकारी के साथ हाथी विचरण क्षेत्र खुर्सीटिकुर, लिमउडीह वन परिक्षेत्र डौंडी का दौरा निरीक्षण किया व आवश्यक दिशा निर्देश दिए। शाम तक की स्थिति में हाथियों का लोकेशन लिमउडीह के आसपास था। फसल व मकानों को हाथियों द्वारा हानि पहुंचाए जाने की पुष्टि हुई है इस इलाके में 22 से 24 हाथी घूम रहे हैं।
अपडेट- लोकेशन रात 9.30 बजे रजोलीडीह
