लोगों से मदद करने की अपील की और कहा – सरकार और सरकारी नुमाइंदे भले आगे आए या ना आए पर प्रदेश के लोगों को मानवता का परिचय देने आगे आना होगा
एक माह से मजदूरों का काम बंद पड़ा है, लोगों से कहा – जितना हो सकते मदद करते चलें
एक गैर राजनीतिक संगठन है छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना
बालोद । बालोद जिले में एक माह से सम्पूर्ण लॉकडॉउन की स्थिति है। रोज काम करके अपने परिवार का पालन पोषण करने वालों की स्थिति नाजुक हो चुकी है। लेकिन फिर भी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बैंक पूरी तरह बंद है। विधवा और बुजुर्ग लोग अपना पेंशन के पैसे तक नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसे में चांवल के भरोसे ही जीवन जीना पड़ रहा है। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना बालोद के द्वारा विधवा, असहाय, दिव्यांग, मजदूरों को 300 राशन किट बनाकर बांटा गया।

सेना के वरिष्ठ सदस्य देवेंद्र साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सदस्यों के द्वारा चंदा करके आलू, दाल, प्याज, हल्दी-मिर्ची, आटा, साबुन जैसे सूखा समान खरीद कर शहर में 300 परिवारों को चिन्हांकित किया गया। इसके बाद उन तक राशन का पैकेट पहुँचाया गया।
जितना क्षमता है, उतना ही मदद कर दें – शशिभूषण
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला संयोजक श्री शशिभूषण चंद्राकर ने लोगों से अपील की है कि जितना हो सके, अपने क्षमता के अनुसार एक दूसरे का मदद करते चले। मदद करने के लिए पहली प्राथमिकता अपने मोहल्ले में दें। हम थोड़े भी सक्षम हैं, तो आस-पास के दो चार लोगों को मदद तो कर ही सकते हैं। अगर सरकार दो माह का चावल दे रही है, तो ऐसे स्थिति में हमें कुछ सहायता राशि या चावल के साथ ही तेल, हल्दी, मिर्च, दाल जैसे जरूरी चीजे देकर मदद करनी चाहिए। जब तक विपत्ति टल ना जाए, एक दूसरे को साथ लेकर चलना होगा।

मुश्किल की घड़ी है, हर समाज के लोगों को आगे आना चाहिए – ललित कांवरे
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना बालोद के शहर अध्यक्ष ललित कांवरे ने कहा कि यह मुश्किल की घड़ी है। प्रदेश सरकार हर मोर्चे में विफल हुई है। असम में जब पैसा उड़ाया जा सकता है, तो राज्य के जनता को खाद्य सामग्री बांट ही सकते हैं और सरकार सामने नहीं आ रही है। तो ऐसे वक्त में सभी समाजों का दायित्व बनता है।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के ब्लॉक संयोजक केदार साहू ने कहा कि अपने-अपने समाज के निर्धन लोगों को चिन्हित कर उन तक जन सहयोग से राशन पहुँचाना चाहिए।
पूरे शहर में राशन पहुँचाने का काम छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के चंद्रभान साहू, मनोज ठाकुर, ईशु साहू, प्रकाश निषाद, दीपक यादव, टेकराम साहू, शेखर भुआर्य, संजय सोनी, नीरज ठाकुर, डी देशमुख, झम्मन हिरवानी, सुभाष साहू, उमेन्द्र कौशिक, प्रियांशू साहू, यशवंत साहू, दानी साहू, आदित्य साहू, राजकुमार साहू, लिंकराज साहू करते रहे।
