सरपंच हो तो ऐसा – सरकार ने नही दिया ध्यान तो गांव में पानी की समस्या को देख सरपंच ने निजी बोर से ही किया इंतजाम, खुद के खर्चे से बिछाई पाइपलाइन, ग्रामीणों को मिली राहत



गुंडरदेही/बालोद – रनचिराई के सरपंच अखिलेश मिश्रा ने जनसेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की है। गांव में पानी की बहुत समस्या हो रही थी। सरकारी बोर का वाटर लेवल डाउन होने से बोर बंद हो गए थे। ऐसे में सरपंच द्वारा खुद के निजी बोर से पानी सप्लाई का निर्णय लिया व स्वयं के खर्चे से अपने बोर से गांव के पानी टंकी तक पाइप लाइन बिछाई व टंकी को भरवा कर पानी सप्लाई शुरू की गई। ग्रामीणों ने बताया कि वाटर लेवल डाउन होने से टंकी भर नहीं पा रही थी। इससे लगभग 300 घरों के नल कनेक्शन में पानी भी सप्लाई नहीं हो रही थी। लोग पानी को भटक रहे थे व दूसरे मोहल्ले से पानी लाने को मजबूर हो रहे थे तो वही एक बोर जो टंकी से 2 किलोमीटर दूर है वहां से भी सप्लाई ठीक से ना होने से 24 घंटे में भी टंकी नहीं भर पाती थी। इस समस्या को देखते हुए सरपंच ने तय किया कि वे अपने घर के बोर से ग्रामीणों को पानी देंगे। उन्होंने अपने घर में लगे 5 एचपी मोटर के बोर से गांव के टंकी तक करीब 500 मीटर तक पाइप लाइन बिछाई और अब टंकी आराम से भर जाती है। सुबह शाम उनके बोर से पहले टंकी को भरा जाता है फिर टंकी के जरिए लोगों के घरों तक पानी सप्लाई आसानी से हो रही है।

अखिलेश मिश्रा सरपंच

सरपंच अखिलेश मिश्रा द्वारा किए गए इस निस्वार्थ कार्य को देखकर गांव के पूर्व सरपंच कैलाश साहू, उपसरपंच दौलत साहू, थाना प्रभारी चेतन साहू, हीरू साहू, गजेंद्र निर्मल, रमेश, अंजू, रामसागर, नरेंद्र सेन, नारायण साहू, हरप्रसाद ने सराहना की व जन सेवा के लिए इसे अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणात्मक भी बताया। सरपंच सहित ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल समस्या को देखते हुए इस समस्या को दूर करने के लिए पीएचई से कई बार मांग की जा रही थी। पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। शासन द्वारा इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आती थी। जिसके चलते सरकार के अनदेखी से सरपंच ने खुद ही समस्या का हल करने की ठानी और यह पहल की। जिससे ग्रामीणों को भरी गर्मी में पानी की समस्या से निजात मिल गया।

You cannot copy content of this page