गुरुर । गुरुर क्षेत्र में लॉकडाउन के दूसरे दिन प्रशासन की सख्ती बरकरार रही और लोगों को आगाह करने के लिए अलग-अलग गांवों में फ्लैग मार्च भी किया गया। तो वहीं इस मार्च व आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जहां -जहां भी लॉक डाउन का पालन न करते हुए दुकानें खुली रखी गई थी उन दुकानदारों पर 500-500 रुपये का चालान की कार्रवाई भी की गई। इसके अंतर्गत प्रमुख रूप से कोचेरा भूलनडबरी में कार्यवाही हुई। कोचेरा में बलराम, खेमलाल खिलेश्वर लाल, विशेषर राम ने दुकान खोल कर रखी थी। सभी पर ₹500 का चालान पंचायत प्रशासन के द्वारा काटा गया तो वही भूलनडबरी में तिलक राम ने भी दुकान खुली रखी थी। जिस पर ₹500 का चालान वसूला गया। एसडीएम अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में यह कार्यवाही की गई. संपूर्ण लॉकडाउन के बाद भी कई दुकानें खुली रखी गई थी जिस पर एसडीएम ने सख्ती दिखाई और चलानी कार्रवाई की। तो वहीं अन्य दुकानदारों व ग्रामीणों को लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करने के लिए आगाह भी किया गया।

इधर डीएसपी कमलजीत पाटले, तहसीलदार परमेश्वर लाल मंडावी, नायाब तहसीलदार नितिन ठाकुर सहित अन्य अमला फ्लैग मार्च में निकला रहा। जो गुरूर के अलावा बोरतरा, कुलिया, कनेरी, पुरुर, कोलीहामार, फागुनदाह, कंवर खुंदनी, अकलवारा, दर्रा, बोहारडीह में फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान बकायदा एलाउंसमेंट कर लोगों को घर पर रहने की नसीहत भी दी जा रही थी। जहां दुकानें खुली थी उन पर कार्रवाई से हड़कंप की स्थिति मची रही। एसडीएम के निर्देश पर पंचायत प्रशासन द्वारा ही चालान की रकम वसूली गई जो सरकारी खाते में जमा होगी। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे थे और दुकान खोलकर बैठे हुए थे जिस पर प्रशासन की नजर पड़ गई और कार्रवाई हुई। कुछ दुकानदार चोरी छिपे सामान बेचने की फिराक में थे और पुलिस प्रशासन का निरीक्षण ना होने के चलते बेखौफ लग रहे थे लेकिन जैसे ही अचानक सायरन बजाती हुई गाड़ियां गांव में प्रवेश हुई तो वे शटर गिराने में नाकामयाब रहे और रंगे हाथ पकड़े गए। जिसके बाद एसडीएम द्वारा उन पर चालानी कार्यवाही की गई।
