पंचायती काम में सरपंच पति का हस्तक्षेप पड़ा महंगा, पंचों ने जोरातराई सरपंच को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से हटाया,हुई पदमुक्त



अविश्वास प्रस्ताव से हटाए गए जोरातराई के सरपंच, तीन बिंदु पर लाया था पंचो ने अविश्वास प्रस्ताव ,पक्ष में 12  व विपक्ष में 3 मत पड़े 

बालोद । गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम पंचायत जोरातराई के सरपंच के विरूद्ध 14  पंचो ने अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था । प्रस्ताव पास होने बाद सरपंच भारती ठाकुर को पद मुक्त कर दिया गया। प्रस्ताव के पक्ष में 12 मत पड़े वही विपक्ष में 3  मत पड़े जिसमें 1 मत सरपंच का शामिल है। अविश्वास प्रस्ताव पास होने बाद जोरातराई के सरपंच भारती ठाकुर को पद मुक्त कर दिया गया हैं ।

पंचो ने सौंपा था एसडीएम को पत्र

जानकारी के अनुसार ग्राम जोरातराई के सभी 14 पंचो ने तीन बिंदुओं पर पंचायत राज अधिनियम की धारा 21 के तहत अविश्वास प्रस्ताव पत्र गुण्डरदेही एसडीएम भुपेन्द्र अग्रवाल को सौपा था। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में हस्ताक्षर किए पंचों से पुष्टि करने बाद एसडीएम भूपेंद्र अग्रवाल ने तहसीलदार अश्वन कुमार पुशाम को पीठाधीन अधिकारी नियुक्त किया गया था ।

इन तीन बिंदु पर लाया गया प्रस्ताव

पंचायत राज अधिनियम की धारा 21 के तहत तीन बिंदुओं पर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। जिसमें सरपंच अपने कार्यो का सही ढ़ंग से निर्वहन नही कर पाना एंव सरपंच पति द्वारा पंचायत के कार्यो मे अनावश्यक हस्तक्षेप करना , सरपंच द्वारा बिना प्रस्ताव व पंचो के सहमति बगैर कार्य करना , पंचायत के कार्यो का हिसाब नही देना पंचो के साथ अभद्र व्यवहार करना इन प्रमुख बिंदु को लेकर सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पत्र गुण्डरदेही एसडीएम भुपेन्द्र अग्रवाल को सौंपा था ।

6 माह के भीतर कराना होता है चुनाव
 बतादे कि अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पद से हटाए गए सरपंच पद को भरने के लिए पंचायतीराज अधिनियम के तहत 6 माह के भीतर चुनाव कराना होता है।

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