चंदूलाल अस्पताल में करता था कंप्यूटर ऑपरेटर, वहीं से रच ली अन्य बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर ठगने की साजिश, गुंडरदेही पुलिस ने किया धोखेबाज को गिरफ्तार, 10 लाख से ज्यादा की ठगी का अनुमान



बालोद/ गुंडरदेही। गुंडरदेही पुलिस ने दुर्ग जिले से ठगी के आरोपी पितांबर देशमुख को गुरुवार की शाम को गिरफ्तार कर जेल भेजा। थाने में दर्ज मामले के मुताबिक 3 लाख से अधिक की ठगी हुई है। लेकिन पूछताछ में और भी खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक 10 लाख से ज्यादा की ठगी हुई है। मामले में और भी कुछ आरोपी हैं। जिनके नाम सामने आ रहे हैं। प्राप्त मोबाइल नंबर व खाते नंबर के आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है। पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी पितांबर देशमुख पहले चंदूलाल अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता था। जहां पर वह साजिश रचने लगा कि क्यों ना दूसरों को अस्पताल में अलग-अलग पद पर नौकरी के नाम पर झांसे में लिया जाए और फिर वह खुद का दूसरों ल बड़े अस्पताल प्रबंधन तक पहुंच बताने लग गया। मंत्रालय तक में अपनी पहुंच बताने लगा और लोग इसके झांसे में आते गए और फिर यह नौकरी के नाम पर पैसा वसूल कर खाते में जमा करते गए। बाद में जब लोगों की नौकरी नहीं लगी और जो नियुक्ति पत्र जारी हुआ वह भी फर्जी निकला तो लोगों को ठगी का अहसास हुआ और फिर लोग थाने की शरण में आए।

गुंडरदेही में दर्ज मामला ये है
फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर रायपुर के अस्पताल में कम्प्यूटर ऑपरेटर, फार्मासिस्ट एवं वार्ड ब्वाॅय के पद पर नौकरी लगाने तीन जिले के 6 लोगों से 3.35 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ग्राम सुपेला थाना भखारा धमतरी निवासी गुंजा साहू (23) की रिपोर्ट पर गुंडरदेही थाने में आरोपी पीताम्बर देशमुख निवासी ग्राम चिंगरी (अण्डा) दुर्ग के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। टीआई रोहित मालेकर ने बताया कि गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रार्थी गुंजा साहू के अनुसार 19 अक्टूबर 2019 एवं 8 फरवरी 2020 को पीताम्बर देशमुख ने भीम राव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं फार्मासिस्ट व वार्ड ब्वाॅय के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर उससे एवं नागेन्द्र कुमार साहू, गीतांजली सिन्हा, सुनेश्वरी चंदेल, निशा सिन्हा, लोकनाथ यादव से अलग-अलग नकद एवं फोन पे के माध्यम से कुल 3 लाख 35 हजार रुपए लिया है। लेकिन नौकरी नहीं लगाई और फर्जी लिस्ट जारी कर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर धोखाधडी किया है।

अस्पताल जाने पर पता चला नियुक्ति पत्र है फर्जी
गुंजा सहित कई लोगों ने झांसे में आकर कम्प्यूटर ऑपरेटर पद के लिए 40 हजार रुपए नकद एवं 55 हजार फोन के माध्यम से ट्रांसफर किया। उनसे नौकरी के संबंध में चर्चा की तो अाश्वासन दिया। 12 मई 2020 को डाक के माध्यम से नियुक्ति पत्र मिला। मेकाहारा रायपुर में पता किया तो वह फर्जी निकला। नागेन्द्र कुमार साहू को स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट की नौकरी दिलाने के नाम पर 40 हजार नकद व 30 हजार बैंक से ट्रांसफर किया।

जिले के इन बेरोजगारों को भी लिया था झांसे में

गीतांजली सिन्हा निवासी चैनगंज (गुंडरदेही) से कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 60 हजार नकद 30 दिसंबर 2019 को, सुनेश्वरी चंदेल निवासी अर्जुनी से 40 हजार, निशा सिन्हा निवासी झीका (अर्जुन्दा) से भी इसी पद पर नौकरी लगाने 40 हजार नकद लिया। लोकनाथ यादव निवासी रायपुर से वार्ड ब्वॉय की नौकरी लगाने के नाम पर नकद 30 हजार रुपए लिया गया है। अभी तक नौकरी नहीं लगी और न ही पैसा वापस किया गया है।

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