चीटियों के शब्दकोश में शायद “असंभव” नाम का शब्द नहीं होता इसलिए वह अपने लक्ष्य को हासिल कर लेती है, इंसानों को भी वही दृष्टिकोण अपनाना होगा,,,,,
चीटियों से सीखे निरंतरता और सकारात्मकता, जब सपने बड़े हैं तो संघर्ष कैसे छोटे हो सकते हैं? बालोद। सहजानंदी चातुर्मास में प्रवचन श्रृंखला के तीसरे दिन महावीर भवन में विराजित…
