आरोप- शासन एवं प्रशासन द्वारा आदेश होने के बाद भी जिले के अधिकारी वेतनमान का आदेश करने में कर रहे हैं टालमटोल
बालोद:- सीधी भर्ती सन 2014 में आकस्मिक निधि भृत्य की कुल 75 पदो पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती विज्ञापन जारी कर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित कर भर्ती नियम एफ-9-15/2008/25-1 रायपुर दिनांक 20.09.2011 द्वारा रिक्त पदों पर नियुक्ति आदिवासी विभाग आदेश क्र. 379 दिनांक 24.05.2014 द्वारा दी गई थी। जिसमें 3 वर्ष कलेक्टर दर तथा 3 वर्ष पूर्ण होने के बाद नियमित वेतनमान का आदेश दिनांक 3 अगस्त 2018 को आदेश किया गया था। संगठन ने प्रांत स्तर पर 3 वर्षों तक शासन एवं प्रशासन से कई बार रायपुर में अपने हक की लड़ाई के लिए पत्राचार करते रहे तब अंत में संगठन को सफलता मिली और शासन द्वारा स्पष्ट निर्णय दिया गया। 1 जनवरी 2021 को मुख्यमंत्री सचिवालय रायपुर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में जो शासन द्वारा एफ 1-5/2005/25-1 रायपुर दिनांक 12.09.2011 एवं एफ 9-15/2008/25-1 रायपुर दिनांक 20.09.2011 आदेश निरस्त किया गया है। उसे यथावत रखा जाये। इस आदेश को पुनः सचिव आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग द्वारा 11 जनवरी 2021 को सभी जिले के सहायक आयुक्त एवं कलेक्टर को जारी किया गया
कर्मचारियों की ये है मांग :-
संबंधित कर्मचारी की मांग यह है कि दिनांक 3 अगस्त 2018 को नियमित वेतनमान का आदेश सहायक आयुक्त द्वारा जारी किया गया है उसे यथावत रखते हुए नियमित वेतनमान देने की कार्रवाई की जाए। क्योंकि शासन द्वारा 1जनवरी 2021 को आदेश किया जाकर यथावत रखने की अनुमति प्रदान किया जा चुका है लघु वेतन कर्मचारी संघ द्वारा 1 अप्रैल 2021 को हड़ताल की सूचना दी गई थी। किंतु 31मार्च 2021 को सहायक आयुक्त द्वारा संघ प्रतिनिधि से विस्तृत चर्चा किये जाने एवं सभी मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया था। जिससे कर्मचारी संघ द्वारा की जाने वाले हड़ताल स्थगित की गई थी। लेकिन सहायक आयुक्त द्वारा बार-बार कल हो जाएगा कभी 5 जून को आदेश हो जाएगा ,कभी 20 जुलाई को हो जाएगा ऐसा आश्वासन देते हुए बार-बार कर्मचारियों को गुमराह किया जाता रहा। सहायक आयुक्त द्वारा यहां तक आश्वस्त किया गया कि मंत्रालय में पदस्थ के पी नेताम सेक्शन अधिकारी से भी बात हो गई है। संघ द्वारा प्रस्तुत सभी मांगों को पूर्ण किया जाना है, इस संबंध में छानबीन समिति का भी गठन किया जा चुका है। परंतु छानबीन समिति का बहाना बनाकर संबंधित कर्मचारियों को जानबूझकर नियमित वेतनमान देने से वंचित रखा जा रहा है ।जिस कारण से कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
जबकि पूरी प्रक्रिया जिले स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में ही किया जाना है। क्योंकि इस पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी कर दिया गया है। इसलिए संघ का अनुरोध है कि संगठन द्वारा प्रस्तुत मांगों का पर त्वरित करवाई किया जाए। अगर 1 सप्ताह के भीतर आदेश जारी नहीं किया जाता है तो 1 सप्ताह के बाद बिना सूचना के समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आंदोलन किए जाने हेतु बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। ज्ञापन सौपने गए कर्मचारी संघ प्रतिनिधि महामंत्री एस.पी. सिंह, जिला अध्यक्ष धननू लाल सिन्हा ,तुलेश ध्रुव, संदीप कुमार साहू, पुनेश्वरी कुंभकार, नंद किशोर साहू एवं समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपस्थित थे।
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