बालोद। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गायत्री मंदिर बालोद में आयोजित समारोह में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूजा जैन ने कहा कि हिंदू धर्म का आधार हमारे संस्कार हैं, जिन्हें बचाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आज भारतीय नारी विश्व के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है। राजनीति, सामाजिक गतिविधियों, खेल, विमान और ट्रेन संचालन जैसे क्षेत्रों में भी महिलाएं आगे बढ़ रही हैं, लेकिन इसके साथ ही घर-परिवार में संस्कारों की कमी भी महसूस की जा रही है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत का स्वर्णिम इतिहास संस्कारों से भरे परिवारों का रहा है और इन्हें बचाने के लिए महिलाओं को आगे आकर सामाजिक बुराइयों को दूर करना होगा।
कार्यक्रम में गायत्री मंदिर के सदस्यों द्वारा पूजा जैन, डाली साहू, निशा योगी, सोनकली पटेल और हेमवती सिहारे का स्वागत किया गया।
इस दौरान निशा योगी ने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर अपने विचार रखे, जबकि सोनकली पटेल ने पहले और अब की महिलाओं की स्थिति पर प्रकाश डाला। हेमवती सिहारे ने नारी शक्ति और सशक्तिकरण पर विचार व्यक्त किए। वहीं कुमुदनी साहू (वकील) ने महिला उत्पीड़न से संबंधित कानूनी उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में केशर देवांगन ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत और फाग गीत की प्रस्तुति दी, जिस पर उपस्थित महिलाओं ने होली गीतों के साथ उत्साहपूर्वक ठुमके लगाए।
इस अवसर पर श्रीमती शकुन सोनी, सरोज, अनिता, शशि, पद्मनी, पार्वती, कांति, निर्मला, रूखमणी, पुष्पा यादव, दिलेश्वरी, मीना, चमेली, वर्षा दुबे, जयति पटेल सहित रामायण समिति की अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में शांति साहू ने आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम को सफल बनाने में कांति साव का विशेष सहयोग रहा।
