गायत्री परिवार ने मनाया विश्व महिला दिवस



बालोद। शनिवार को गायत्री परिवार के उपजोन समन्वयक के.पी. सिंह अपनी टीम के साथ गायत्री शक्तिपीठ बालोद पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि शांतिकुंज हरिद्वार की गुरु माता भगवती देवी शर्मा के 100 वर्ष पूर्ण होने तथा वर्ष 1926 में जलाए गए अखंड दीप के भी 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विश्व स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

श्री सिंह ने कहा कि अनुयाज कार्यक्रम के अंतर्गत अधिक से अधिक गांवों में पहुंचकर सामाजिक कुरीतियों, नशापान और अशिक्षा को समाप्त करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही नारी जागरण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा, वृक्षारोपण तथा गुरुदेव के साहित्य और उनके विचारों को घर-घर एवं जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए गांवों में युवा टीम का गठन आवश्यक बताया गया।

उन्होंने आगे बताया कि बालोद गायत्री परिवार ट्रस्ट का 3 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो गया है, इसलिए नए ट्रस्ट के गठन का प्रस्ताव हरिद्वार भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

श्री सिंह के साथ आए अतिथियों का गायत्री परिवार द्वारा मंत्रोच्चार के साथ गुलाल लगाकर स्वागत किया गया।

रविवार को भी गायत्री शक्तिपीठ में बैठक आयोजित की गई, जिसमें बालोद ब्लॉक के लिए ब्लॉक समन्वयक और ब्लॉक पदाधिकारियों का गठन किया गया। पूर्व ब्लॉक समन्वयक लोचन राम साहू को पुनः ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया तथा मानसिंह साहू को ब्लॉक सह-समन्वयक प्रभारी नियुक्त किया गया।

ब्लॉक समिति का गठन इस प्रकार किया गया —

  1. कार्यालय प्रभारी – त्रिलोक सिंह साहू
  2. आंदोलन संयोजक – रामभरोसा ठाकुर
  3. लेखानुदान – टी.आर. साहू
  4. कार्यक्रम प्रशिक्षण संयोजक – शिव कलिहारी
  5. ट्रस्टी प्रतिनिधि – कमल साव
  6. भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा – युगल किशोर साहू
  7. रचनात्मक आंदोलन – मोहन साहू
  8. मीडिया सूचना संचार – आर.पी. यादव
  9. नारी जागृति अभियान – श्रीमती शांति साहू
  10. युवा दिया जागृति अभियान – मुकेश साहू

सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकृत किए गए।

चैत्र नवरात्रि में 24,000 मंत्रों का अनुष्ठान होगा, जिसमें हेमवती सिहारे, युगल किशोर साहू, सत्यभामा साहू, टी.आर. साहू, शांति साहू, लोचन साहू, श्रीमती लोचन साहू, मोहन साहू, वीरेंद्र राणा, मोना एवं त्रिलोक साहू सहित अन्य श्रद्धालु शामिल होंगे।

नवरात्रि के दौरान 19 तारीख को देव स्थापना एवं ज्योति जागरण तथा 27 तारीख को 5 कुंडीय यज्ञ, पूर्णाहुति, गोष्ठी और भोजन प्रसादी का आयोजन किया जाएगा।

You cannot copy content of this page