बालोद। महिला समानता दिवस के अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त एवं संसदीय सचिव विनोद सेवन लाल चन्द्राकर के निर्देशानुसार एवं राज्य सचिव कैलाश सोनी के मार्गदर्शन में ,संयुक्त राज्य सचिव सीमा साहू ,अध्यक्ष सुभाष पुस्तकर, जिला मुख्य आयुक्त
गिरीश चंद्राकर के मार्गदर्शन से वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सरिता पांडेय स्टेट ट्रेनिंग कमिश्नर गाइड(छत्तीसगढ़ ),विशिष्ट अतिथि सुश्री करुणा मसीह,स्टेट ऑर्गनाइजेशन कमिश्नर( छत्तीसगढ़) गाइड, सैनी रविन्द्र अस्सिटेंट स्टेट ऑर्गनाइजेशन कमिश्नर ,अध्यक्षता सीमा साहू,संयुक्त राज्य सचिव
(छ ग),कार्यक्रम की मार्गदर्शिका,जिला सचिव जितेन्द्र शर्मा, विषय विशेषज्ञ अरुण कुमार साहू,बेसिक कमिश्नर, प्राचार्य कन्या शाला बालोद, मधुमाला कौशल,एलएलबी,HWB,व्याख्याता सिकोसा, स्वागत गीत श्रीमती नोम साहू,एचडब्ल्यूबी गाइड कैप्टन आनंद पब्लिक स्कूल, परिचर्चा के वक्ताओं में श्रीमती किरण गिरी गोस्वामी,बेसिक गाइड कैप्टन भरदा, श्रीमती रोशनी साहू,गुरुर, नीरज कुमार,स्काउट, कौशल कुमार
बालक शाला गुरुर,कुमारी योगेश्वरी, कु मुश्कान ठाकुर रेंजर कल्पना चावला रेंजर टीम भण्डेरा,सुश्री लिली पुष्पा एक्का HWB रेंजर लीडर इरागुडा,श्रीमती तनुजा बंजारे
HWB गाइड कैप्टेन कुआगोंदी
कार्यक्रम का संचालन एवम नेतृत्व श्रीमती कैशरीन बेग ए एल टी रेंजर लीडर ,भण्डेरा ने किया। आयोजन में अतिथियों ने इस बात पर चिंतन मनन किया कि 26 अगस्त को महिला समानता दिवस रहा।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे नहीं मनाया जाता लेकिन इसकी अहमियत है क्योंकि हम भारत की संविधान की बात करें उसे कानून के समक्ष समानता का अधिकार दिया गया है जो आर्टिकल 14 में है तो संविधान में लिखा है यह कानून है कि महिला और पुरुष एक समान है। समानता दिवस की शुरुआत अमेरिका में 26 अगस्त 1920 में महिला पुरुषों में समान मतदान करने का अधिकार से शुरू हुआ लेकिन यह लड़ाई हर देश में लड़ी जा रही है। जब अमेरिका के महिलाओं की यही स्थिति है तो बाकी देश के बारे में तो आप समझ सकते हैं क्या स्थिति होगी। अभी वर्तमान में कल की बात करे तो महिलाएं बालिका सभी प्रकार की भूमिका निभाती हैं हमें महिला समानता दिवस मनाने की आवश्यकता है। महिलाओं को अपने अधिकार के लिए स्वयं आगे आना होगा। पहले खुद से लड़ना होगा तभी वह अपने अधिकार को पा सकती हैं। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं और इसी तरह से महिलाएं जो है एक साथ जुट कर एक दूसरे से सहयोग कर अगर अपने अधिकार के प्रति सजग होंगे। तो निश्चित ही वह दिन दूर नहीं होगा लेकिन उसके लिए एक बार अपने अधिकार अपने कानून आदि को जानना होगा। बारीकियों से समझना होगा तभी हमें जो समानता की बातें जो कर रहे हैं उसमें सफलता मिलेगी।
देश के विभिन्न पदों पर महिलाएं पुरुषों से आगे बढ़ चढ़कर काम किया है और देश की बागडोर भी संभाला है। किसी भी महिलाओं का हर क्षेत्र में स्थान नगण्य है अब आप सब को सोचना होगा कि सरकार को महिला के समान अधिकार जमीनी स्तर पर देनी ही होगी। जहां नारी की पूजा होती है वहां लक्ष्मी का निवास होता है। नारी को पूजनीय माना है । संविधान में तो अपना अधिकार मिल ही गया है अब हम उस अधिकार को प्रयोग कैसे करें वह हमारे ऊपर हैं। यह हमारी कमजोरी है इस कमजोरी को हम दूर करें और स्वयं सजग हो जाए तो निश्चित ही वह दिन दूर नहीं हम जो चाहते हैं वही प्राप्त कर सकते हैं। स्थिति सुधरी तो जरूर है लेकिन अभी भी असमानता का दंश झेल रही हैं।सुझाव- शिक्षा पर विशेष ध्यान देना क्योंकि जागरूक तभी होंगी जब वह शिक्षित होंगी,संविधान में बहुत से कानून बने हैं उसे जानना आवश्यक हैं। स्वालंबन, सजग,हस्त कौशल,सभी अपने दायित्वों, कार्य,एक दूसरे का साथ,महिला खुद,सबल होगी,दूसरे को मोटिवेट करे,बेटा, बेटी में भेद न किया जाए।नारी पहले खुद का सम्मान करें।
महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के कदम से कदम मिलाकर चल रही है।पर असमानता कहां ? आज पुरुष नारी शक्ति का सम्मान करने लगे तो अवश्य असमानता की खाई पाटी जा सकती है।मह हमारे घर , परिवार समाज , हमारे आसपास, स्कूल में जहां बालक बालिकाओं को एक साथ शिक्षा दे रहे हैं। वहीं से शुरुआत करना होगा।आइए हम सब आज हम सब नारी सशक्तिकरण का संकल्प ले। और अपने सम्मान की रक्षा करें। श्रीमती नीता बघेल सह सचिव गुरुर ब्लॉक,श्रीमती सरोज साहू प्र प्राचार्य नाहदा
श्रीमती कमला वर्मा HWB गाइड ,श्रीमती रामेश्वरी चौधरी
बेसिक गाइड कैप्टेन लाटाबोड़,
श्रीमती पुष्पा चौधरी अर्जुन्दा, श्रीमती सरिता ऊके,श्री देहारी जी,बच्चे माखन लाल,किरण ठाकुर ,प्रीति,खुशी,कोयल ठाकुर, मंकी ठाकुर,प्रीति साहू,तनुजा,डिगेशसाहू,निशा,मोनिका,पुष्पांजलि, पुष्पलता, यादव,रेशमा,स्काउट गाइड के
बच्चे सम्मिलित हुवे।
महिला समानता दिवस पर महिलाओं की स्थिति पर चिंतन, आज भी सुधार की जरूरत
