भाजपा के पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू बने स्टार प्रचारक, असम के बिहाली विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी मंत्री रंजीत दत्ता के साथ संभाल रहे मोर्चा



चुनावी सभा में मौजूद भीड़

बालोद/गुंडरदेही। विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक व वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र साहू इन दिनों असम में चुनावी मोर्चा संभाले हुए हैं। जहां वे भाजपा की मोदी सरकार की उपलब्धि गिना रहे हैं तो वही पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने में दिन रात एक कर के जुटे हुए हैं।

लगातार एक हफ्ते से असम में डटे हुए हैं। स्टार प्रचारक के रूप में वे अलग-अलग बूथ में जाकर बैठक ले रहे हैं। वहां के लोगों को भाजपा के प्रत्याशी के समर्थन में जागरूक कर रहे हैं। पांचवे दिन असम में विधानसभा चुनाव में बिहाली विधानसभा अंतर्गत आने वाले रंगपली , मिथला, पूरा, बेशोली ,ग्राम पंचायतों में सघन प्रचार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी केबिनेट मंत्री रनजीत दत्ता के लिए वोट करने की अपील की गई। 6 वे दिन ग्राम राजपुर ,बरगांव, नवपनी , गंग मोनी में कार्यकर्तों की बैठक ली।

बैठक में मुख्य रूप से बिहाली विधानसभा प्रत्याशी कैबिनेट मंत्री रंजीत दत्ता ,नवीन पवार ,सुमन सहनर, रेजिन मिश्रा ,डीप दत्ता , प्रणब मौजूद रहे। इस दौरान अपने उद्बोधन में पूर्व विधायक श्री वीरेंद्र साहू ने वहां की जनता को जागरूक किया कि कैसे भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में देश और आसाम प्रदेश विकास की ओर अग्रसर है। चाय के बागानों में काम करने वाले मजदूरों का ₹80 तक मजदूरी बढ़ गई है। तो वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की खासियत बताई कि आज आपको कांग्रेस सरकार की इंदिरा आवास योजना देखने को नहीं मिलती। हर जगह पक्का छत बन रहा है।

₹135000 हमारे प्रधानमंत्री आवास योजना से मिल रहा है। तो वहीं लोगों के इलाज की चिंता के लिए अब जरूरत नहीं है। आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है जिससे आप उस कार्ड के जरिए निशुल्क इलाज करवा सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने असम के उन बिहाली विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील किया कि आपने 5 साल पहले रंजीत दत्ता को विधायक बनाया था। वे मंत्री भी बने और प्रदेश को विकास की ओर ले गए। अब दुबारा उन्हें इस विधानसभा चुनाव में विधायक बनाना है। इसके लिए एकजुट हो जाइए और एक भी वोट खराब न हो इसका ध्यान रखते हुए मतदान करिए।

पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू की भाषण शैली से प्रभावित होकर चुनावी सभा में स्थानीय लोगों की भीड़ भी जुटने लगी है तो वही श्री साहू का कहना है कि उनके लिए भी आसाम में इस तरह चुनाव प्रचार करना एक अलग ही अनुभव दे रहा है। जो हमेशा यादगार भी रहेगा। ज्ञात हो कि असम के चाय बागानों में आज भी छत्तीसगढ़ से गए हुए कई मजदूर वहां रहकर काम करते हैं।

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