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डॉ. दिनेश मिश्र को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया सम्मानित

चिकित्सा एवं समाजसेवा में दीर्घकालीन योगदान के लिए मिला सम्मान, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ 30 वर्षों से चला रहे जनजागरण अभियान

रायपुर। प्रदेश के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र को चिकित्सा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में दीर्घकालीन योगदान के लिए राजधानी रायपुर में आयोजित समारोह में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने डॉ. दिनेश मिश्र को अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।

समारोह में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक रायपुर राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, डॉ. विद्याकांत त्रिवेदी, डॉ. उपेंद्र त्रिवेदी एवं डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

30 वर्षों से अंधविश्वास और कुरीतियों के खिलाफ अभियान

डॉ. दिनेश मिश्र वर्ष 1995 से प्रदेश में सामाजिक अंधविश्वास एवं कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चला रहे हैं। उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना के विरोध में कानून बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। वे टोनही प्रताड़ना से पीड़ित महिलाओं के कल्याण एवं पुनर्वास के साथ-साथ सामाजिक बहिष्कार से पीड़ित परिवारों के लिए भी लगातार कार्य कर रहे हैं और इस संबंध में कानून बनाने के लिए प्रयासरत हैं।

पिछले करीब 30 वर्षों में डॉ. मिश्र ने जादू-टोने के संदेह में महिला प्रताड़ना, टोनही प्रताड़ना, मानवाधिकारों के उल्लंघन, अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों तथा महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के विरुद्ध देशभर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया है। इस दौरान वे 5 हजार से अधिक सभाओं में सहभागिता कर चुके हैं। स्कूलों, कॉलेजों एवं सामाजिक संगठनों के साथ आयोजित कार्यशालाओं के माध्यम से 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जा चुका है।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी रखी अपनी बात

डॉ. दिनेश मिश्र ने वर्ष 2016 में यूनाइटेड नेशन्स द्वारा जिनेवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में डायन के संदेह में महिला प्रताड़ना एवं मानवाधिकार के विषय पर व्याख्यान दिया। इसके अलावा वर्ष 2014 में बेल्जियम के ब्रसेल्स में आयोजित संगोष्ठी में भी उन्होंने व्याख्यान दिया। वे देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं अन्य मंचों पर भी अंधविश्वास उन्मूलन और मानवाधिकार से जुड़े विषयों पर व्याख्यान दे चुके हैं।

छत्तीसगढ़ के अलावा उन्होंने मध्यप्रदेश, असम, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश एवं कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में भी जनजागरण अभियान संचालित किया है।

पहले भी मिल चुके हैं कई महत्वपूर्ण सम्मान

छत्तीसगढ़ में जादू-टोने के आरोप में महिला प्रताड़ना एवं टोनही प्रताड़ना के खिलाफ जनजागरण तथा प्रदेश में कानून बनाने की दिशा में किए गए कार्यों के लिए डॉ. दिनेश मिश्र को वर्ष 2006 में राज्य अलंकरण पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान प्रदान किया जा चुका है।

देशभर में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास एवं अंधविश्वास निर्मूलन के लिए किए गए कार्यों के लिए वर्ष 2007 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा वर्ष 2006 में महिला उत्पीड़न के खिलाफ किए गए कार्यों के लिए उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

डॉ. दिनेश मिश्र को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड उनके चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता, महिला अधिकारों, मानवाधिकार एवं अंधविश्वास उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए दीर्घकालीन योगदान का सम्मान माना जा रहा है।

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