महिला दिवस विशेष – 15000 महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर रही है अनीता, कोरोना काल में खादी ग्रामोद्योग के जरिए 5 लाख महिलाओं को दिलाई रोजगार, बोर्ड ने किया सम्मानित



अर्जुंदा/बालोद । आज महिला दिवस विशेष पर हम टिकरी अर्जुंदा की रहने वाली सामाजिक कार्यकर्ता अनिता उके की बात कर रहे हैं। जिनका नाम अब महिला उत्थान व सशक्तिकरण की दिशा में सिर्फ बालोद जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर जाना जाने लगा है। पिछले दिनों उन्हें खादी ग्राम उद्योग बोर्ड रायपुर द्वारा 5 लाख महिलाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्रयास किए जाने पर सम्मानित किया गया था। अनीता के साथ जिले की लगभग 15000 महिलाएं जुड़ी हुई है। जिसमें कई गूंज सेवा संस्थान से हैं तो कई भारत माता वाहिनी तो कई निर्भया दल तो कई महिला समूह भी उनके मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं। शराबबंदी, शिक्षा सहित अन्य कई गंभीर मुद्दों पर लगातार काम करते आज इस मुकाम पर पहुंची है। अनीता का कहना है कि वह आगे भी महिलाओं के हक के लिए अपनी लड़ाई लड़ती रहेगी। वह सिर्फ जिला या प्रदेश में नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि वह महिला जन कल्याण समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। संस्थापक गुंज सेवा महिला मंडल के रूप में महिलाओं को एकजुट करने का काम से शुरूआत की थी। बाद में उनके काम को देखते हुए उन्हें भारत माता वाहिनी व निर्भया दल का भी संयोजक बनाया गया। बेटियों की शिक्षा को लेकर भी वह लगातार प्रयास कर रही है ।पढ़ाई छोड़ चुकी लड़कियों को भी उनकी गुंज सेवा संस्थान के जरिए निशुल्क कोचिंग देकर उन्हें पढ़ाया भी गया है। जो परीक्षा भी पास हुए हैं। उनका मकसद है कि कोई भी लड़की अशिक्षा की वजह से पीछे ना रहे। इसलिए वह शिक्षित करने के लिए आगे रहती हैं। इसके अलावा महिलाओं की फौज बनाकर रक्तदान, नेत्रदान, देहदान, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी वह काम कर रही हैं। खुद ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी अनीता आज अन्य महिलाओं के लिए मिसाल है। जो चूल्हा चौका तक सीमित रहने वाली महिलाओं को खुद के साथ आगे बढ़ाकर उन्हें हर मोर्चे को संभालने के लिए प्रोत्साहित  कर रही है।

10 महिलाओं की सोच आज 15000 तक पहुंची

समाज की महिलाओं में नई ऊर्जा पैदा करने के लिए महज 10 महिलाओं से उन्होंने इस पहल की शुरुआत की। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करने वाली अनीता ने जीवन में नया कदम बढ़ाया। उसके बाद उन्हें सारी बाधाओं अपमान सहते हुए पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज जागरूकता अभियान से पूरे जिले में भागीदारी दे रही है। 15000 महिलाएं उनके साथ हैं। 10 महिलाओं से एक समूह बनाकर शुरुआत की गई सेवा संस्थान की आज गूंज पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही है।

रायपुर में हुआ सम्मान

खादी ग्रामोद्योग से 5 लाख परिवारों को रोजगार मिला है इस पहल में सहभागी बनी बालोद जिला के भारत माता वाहिनी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने व समाज सेविका व हमेशा सामाजिक दायित्व निभाने व मिसाल बने अनीता उके को विगत दिनों रायपुर में सम्मानित किया गया। इस दौरान मंत्री गुरू रुद्र कुमार, राजेन्द्र तिवारी अध्यक्ष खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, बालोद जिला के पूर्व जिलाधीश व वर्तमान खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक राजेश राणा सहित अन्य प्रमुख मौजूद रहे।

यह है उनकी खासियत

10 सालों से महिलाओं को संगठित और सशक्त करने के लिए अनीता  काम कर रही हैं। जो लगातार समाज सेवा, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा जैसे मुद्दों पर आगे रही। इसके अलावा महिलाओं को अगरबत्ती, अचार, पापड़, साबुन, सेनीटाइजर बनाना सिलाई कढ़ाई सिखाना सहित कई क्षेत्रों में भी स्वरोजगार व आत्मनिर्भर के लिए उन्होंने प्रयास किया। अभी कोरोना काल में उनके द्वारा जिले के अलावा पूरे छत्तीसगढ़ में महासमुंद, बेमेतरा, दाढ़ी सहित अन्य इलाकों में महिलाओं खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के जरिए मास्क व कपड़े की सिलाई का काम दिलवाया। जिससे महिलाओं को घर बैठे रोजगार मिला। जहां कोई काम नहीं चल रहा था वहां पर रोजगार मिला। अनिता ने कहा आगे भी उनका प्रयास रहेगा कि हमारे क्षेत्र व प्रदेश की महिलाएं कोई भी काम के लिए या तो घरेलू हिंसा दहेज प्रथा से प्रताड़ित ना हो। इसके लिए उनका पूरा प्रयास रहेगा। महिला उत्थान के क्षेत्र में काम करने के लिए मैंने एक संस्था भी बनाई है। जिसका नाम गुंज सेवा महिला मंडल है। आज भी इस मंडल के जरिए बहुत से काम होते रहते हैं। यहां पर भारत माता वाहिनी व निर्भया दल में 15000 महिलाएं जुड़ी हुई है। शासन-प्रशासन की योजनाओं पर उक्त टीम काम कर रही है।

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