महिला दिवस विशेष – मधुमाला ने बनाई अपनी अलग पहचान, योग से कर रही लोगों को निरोग, योग समिति की हैं महिला अध्यक्ष भी, राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित हुई




बालोद। आज महिला दिवस पर हम एक ऐसी महिला की बात करेंगे जिनकी पहचान नेशनल स्तर पर योग ट्रेनर के अलावा शिक्षा व समाज सेवा के रूप में बन चुकी है। जिसके चलते उन्हें कोरोना वारियर के रूप में जिला प्रशासन के अलावा राज्यपाल तक से सम्मान प्राप्त हुआ है।

बात हो रही है पतंजलि योग समिति के जिला महिला अध्यक्ष मधुमाला कौशल की। जो सिकोसा हायर सेकेंडरी स्कूल में व्याख्याता व गुंडरदेही की रहने वाली हैं।6 साल से मधुमाला नेशनल योगा एक्सपर्ट के रूप में पहचान बना चुकी है। इस कोरोना के संकट के दौर में लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए योगा एक्सपर्ट मधुमाला कौशल भी पीछे नहीं है। वह लोगों को लगातार योग करने के लिए प्रेरित तो कर ही रही है साथ ही कोरोना वारियर के रूप में भी भूमिका निभा रही है। जिसके तहत उन्होंने अब तक 2000 से ज्यादा लोगों को मास्क का वितरण किया है। इसके अलावा रेडक्रास, स्काउट गाइड के तहत भी सेवा कार्य में भी जुटी हुई है। रोज वह सुबह बालोद सहित दुसरे जिले के लोगों को ऑनलाइन वीडियो कॉल के जरिए योग सिखाती हैं मधुमाला कौशल ने लोगों को कोरोना के इस संकट में खुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए योग करने की अपील करती हैं। उन्होंने हमसे खुद के जीवन में आए बदलाव को भी साझा किया है और बताया है कि कैसे उन्हें एक बीमारी थी जो योग से ही ठीक हो गई।
उज्जाई प्राणायाम है गले की परेशानी को दूर करने का बड़ा हथियार ,कोरोना से यह लड़ने की ताकत देगा

ऑनलाइन योग सिखाती हुई मधुमाला


बातचीत के दौरान नेशनल योगा एक्सपर्ट व महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रीमती कौशल ने कहा कि उज्जाई प्राणायाम गले की परेशानियों को दूर करने के लिए सबसे बड़ा हथियार है कोरोनावायरस से लड़ने में भी इससे ताकत मिलेगी। क्योंकि कोरोनावायरस की एंट्री भी नाक, मुंह के बाद गले से ही होती है। अगर हम इस वायरस को गले में प्रवेश न करने दें तो हम काफी हद तक स्वस्थ रहेंगे। उन्होंने अपने ही जिंदगी में योग के कारण पड़े एक गहरे प्रभाव को भी साझा करते हुए कहा कि उन्हें खुद गले की बीमारी थायराइड हो गई थी। जिसे उन्होंने योग के जरिए ही ठीक किया और इसी सफलता के कारण उन्हें योग की दिशा में एक नई पहचान भी मिली।
पिछले साल महाराष्ट्र के 7000 लोगों को कराई योग
सिकोसा हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका मधुमाला कौशल निवासी गुंडरदेही का चयन 2020 में 21 जून को हुए विश्व योग दिवस पर ट्रेनर के रूप में हिस्सा लिया था। उन्होंने महाराष्ट्र के भुसावल में 7000 लोगों को योग कराया । स्काउट गाइड रेलवे फेडरेशन (केंद्र सरकार) द्वारा उनका चयन हुआ था। उनके प्रशिक्षण से रेल प्रशासन इतना प्रभावित हुआ कि अगले साल के योग के लिए उन्होंने मधुमाला का ही नाम ट्रेनर के रूप में तय कर लिया था लेकिन इस बार कोरोना के चलते आयोजन स्थगित हो गया।
मां से प्रेरित होकर बेटी भी आगे आई
5 साल से मधुमाला नेशनल योगा एक्सपर्ट के रूप में पहचान बना चुकी है। उनके साथ उनकी बेटी आकांक्षा भी अब योग में आगे बढ़ रही। जो योगा की नेशनल प्लेयर हैं। पहले बालोद अब बोरई नवोदय स्कूल में पढ़ रही हैं।
इस तरह से बनी नेशनल योगा एक्सपर्ट
स्कूल के दौरान से मधु, स्काउट गाइड से जुड़ी है। केंद्र सरकार ने स्काउट गाइड ट्रेनर के बीच से उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए 4 साल पहले उनकी दक्षता योग में ज्यादा होने के कारण उन्हें नेशनल योगा एक्सपर्ट बनाया है।
रेलवे की ओर से छग का करती हैं प्रतिनिधित्व
मधु रेलवे फेडरेशन की ओर से छग का प्रतिनिधित्व करती है। जब भी योग दिवस पर दूसरे राज्य जाना होता है, देश भर से आने वाले ट्रेनर्स को एक परीक्षा से गुजरना पड़ता है। जिसमें कुछ मिनटों में लोगों को योग करवाने के साथ उसके लाभ बताकर प्रेरित भी करना होता है। इस परीक्षा से गुजरने के बाद ही योगा एक्सपर्ट को संबंधित चयनित जगहों में योग करवाने की अनुमति दी जाती है।
गले की आवाज योग से ही लौटी, अब कर रही प्रेरित

मधुमाला को कुछ साल पहले थायराइड की समस्या थी। उनकी आवाज चली जाती अगर उन्होंने योग को न अपनाया होता। कई जगह इलाज करवाने के बाद भी कुछ न होने पर मधु ने योग का सहारा लिया और इससे अपना गला ठीक की। उनकी आवाज भी लौट आई। बीमारी के कारण वह बोल भी नहीं पा रही थी। अब फायदे लोगों को बताकर वह नियमित योग करने के लिए प्रेरित करती है।

You cannot copy content of this page