DAILY BALOD NEWS

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महिला दिवस पर समाज के प्रतिष्ठित महिलाओं ने दी अपनी प्रतिक्रिया, देखिये किसने क्या कहा, क्या है सरकार से अपेक्षा ? भ्रूण हत्या,दहेज, देह व्यापार, शराबबंदी जैसी समस्याएं आज भी कायम

बालोद – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर नगर की विभिन्न महिलाओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाएं आज के युग में पुरुषों से पीछे नहीं अपितु उनकी बराबरी कर रही है. सभी क्षेत्रों में महिलाएं आगे है. गौरतलब है कि पूरे विश्व में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. महिलाओं को हमारे भारतीय समाज में ऊंचा स्थान प्राप्त है. आज महिलाएं हर जगह पुरुष की बराबरी कर रही है. चाहे वह सामाजिक, राजनीतिक,आर्थिक,व्यापारिक, बैंक, स्वास्थ्य विभाग का हो या रेलवे की बात हो, ऐसे अन्य सभी क्षेत्रों में महिलाएं काम कर रही है. 21वीं सदी में महिलाओं की स्थिति में आमूलचूल परिवर्तन आया है. इस दौरान महिलाओं ने सभी क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है. वही समाजिक और परिवारिक स्थिति में स्थिति में अभी भी सुधार की गुंजाइश है. ,भ्रूण हत्या ,दहेज, देह व्यापार, शराबबंदी जैसी समस्याएं समाज के समक्ष खड़ी हुई है

लीला शर्मा

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष लीला शर्मा ने कहा कि आज नारी अबला नहीं है, राशन कार्ड में महिलाओं का प्रतिनिधित्व देकर उनके भाई रमन सिंह जी ने उनका मान सम्मान बढ़ाया है, उसी तरीके से देश के प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को 6000 प्रसूति के समय देकर उनका सम्मान किया है. मैं अपने बड़े भैया भूपेश बघेल से विनती करती हूं की समाज के बुजुर्गों का पेंशन में वृद्धि कर 1500 कर इस महिला दिवस को बनाने को सार्थक करें.

भुनेश्वरी ठाकुर

पूर्व जिला पंचायत सदस्य,आदिवासी महिला भुनेश्वरी ठाकुर ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से काफी आगे बढ़ रही है. महिलाओं को पुरुष से अधिक अधिकार दिया जाना चाहिए, नारी शिक्षा के लिए वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए सर्व सुविधा युक्त स्कूलों को खोला जाना बालिकाओं के उत्थान के लिए अति आवश्यक है,आज आदिवासी महिलाओं पर जो छत्तीसगढ़ में अत्याचार एवं उत्पीड़न बढ़ रहे हैं. इस ओर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए ताकि हमारी महिलाएं इनका शिकार न हो.

खिलेश्वरी साहू

पिछड़ा वर्ग समाज से आने वाली खिलेश्वरी साहू ने कहा कि देश में वर्तमान समय में महिलाओं की दशा में काफी सुधार आया है,महिला स्व सहायता समूह द्वारा उत्पादित सामग्रियों को बाजार में बेचने के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि ग्रामीण महिलाएं भी देश में जीडीपी में अपना योगदान दे सकें.

नीतू सोनवानी

अधिवक्ता नीतू सोनवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में चलने वाली बसों के बसों में शुरुआत की 15 सीटें चाहे वह सरकारी बसें हो या प्राइवेट बस है, उस पर वह महिला आरक्षित होनी चाहिए ताकि महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें.

हितेश्वरी कौशिक

गृहणी हितेश्वरी कौशिक ने कहा कि अब तक महिलाओं के उत्थान के लिए देश में जो काम हुआ है हम कह सकते हैं कि वह सार्थक कदम उठा है परंतु इस महिला दिवस में राज्य सरकार से मांग करती हूं कि वह अपने वादे के अनुरूप छत्तीसगढ़ में निवासरत आधी आबादी महिलाओं की है आधी आबादी को शराबबंदी कर इस महिला दिवस को बनाने हेतु सार्थक पहल करें.

अम्बिका यादव

पूर्व पार्षद अंबिका यादव व सुनीता मनहर ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक व आर्थिक क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़नी चाहिए, महिलाएं आज ट्रेन से लेकर हवाई जहाज चला रही है.

सुनीता मनहर

आंतरिक्ष तक भी पहुंच चुकी है, महिलाओं को अपने अधिकारों और समाज के विचारों को ध्यान में रखते हुए अपने स्वाभिमान की रक्षा करते हुए अपने स्थान को सुनिश्चित करना चाहिए.

भाजपा नेता प्राची लालवानी ने कहा कि मैं इस महिला दिवस पर अपने जिले के मंत्री अनिला भेड़िया व हमारे विधायिका संगीता सिन्हा जो दोनों महिलाएं उनसे अपेक्षा करती हूं कि वे आने वाले समय में बालोद कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महिला सर्जन की व्यवस्था को सुनिश्चित करें जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम होगा.

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