DAILY BALOD NEWS

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सीएम के क्षेत्र बठेना में पांच लोगों की मौत का मामला – सुसाइड नोट से सामने आया सच? पुलिस जांच तेज, कर्जदारी व जुआरी मानी जा रही इस घटना की वजह, पुलिस की ओर से खुलासे की देरी

दुर्ग/पाटन–  दुर्ग जिले के बठेना गांव में शनिवार को एक ही परिवार के 5 लोगों के मौत की खबर आई थी। रविवार को दिनभर पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट जांच में जुटे रहे. परिजनों से भी बयान लिया जा रहा. वहीं घर की तलाशी में पांच पेज का सुसाइड नोट भी मिला है. जिसमें कर्ज से संबंधित बातें लिखी हैं. पुलिस उक्त सुसाइड नोट की भी बारीकी से जांच कर रही है. रामबृज गायकवाड़ का शव उसके 24 साल के बेटे संजू गायकवाड़ के साथ लटका मिला था। रामबृज की पत्नी जानकी बाई और इसकी दो बेटियां 28 साल की दुर्गा और 21 साल की ज्योति का शव घर से कुछ दूरी पर पैरावट में जलता हुआ बरामद किया गया। जब पुलिस ने इनके घर की जांच की तो करीब पांच पेज के सुसाइड नोट मिला है। इसके अंत में परिवार से माफी मांगते हुए लिखा गया है, कि अब दुनिया से अलविदा होने का समय आ गया है। आप लोग खुश रहना। जिसकी जो देनदारी मुझ पर निकल रही है, मेरे हिस्से की संपत्ति बेचकर उसे दे दी जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुसाइड नोट में कुछ लोगों के नाम हैं, वो बड़े सूदखोर हैं। ये अवैध ब्याज का धंधा करते हैं। जनचर्चा ये है कि रसूखदार होने के कारण पुलिस कुछ सूदखोरों कोबचाने का प्रयास कर रही है।

भाई कहता था किसी दिन सभी को मार कर खुद मर जाऊंगा

मृतक रामबृज गायकवाड़ के भाई नील सिंह ने मीडिया व पुलिस को बताया कि पिछले कुछ सालों में करीब 12 एकड़ जमीन बेचकर उसके भाई ने अलग-अलग लोगों के लगभग 20 लाख रुपए लौटाए। रामबृज गायकवाड़ ने एक महिला सूदखोर से भी 3 लाख रुपए का कर्ज ले रखा था। ये महिला उसे परेशान कर रही थी। रामबृज ने मुझसे दो दिन पहले कहा था कि पूरे परिवार को खत्म करके किसी दिन खुदकुशी कर लूंगा। तब मैंने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया था। रामबृज से भी कुछ लोगों ने रुपए उधार लिए थे, जो वो लौटा नहीं रहे थे।

अनुमान अब तक ऐसे ,,,,

देर शाम तक हुई जांच में पुलिस सूत्रों के मुताबिक रामबृज ने पहले खाने में जहर मिलाकर पत्नी और बेटियों को दिया होगा। जब उनकी मौत हुई तो इनकी लाशों को अर्थी में सजाया। अर्थी से शवों को तार के जरिए बांधा और फिर कंडे और पैरावट की मदद से उसे जला दिया। पुलिस के मुताबिक इस घटना में मृतक का बेटा भी साथ था। अपनी मां और बहनों को जलाने के बाद उसने भी पिता के साथ फांसी लगा ली। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को परिवार के पांचों सदस्यों की हत्या के एंगल से जोड़कर भी देखा जा रहा है, फिलहाल पुलिस की छानबीन जारी है।

बेटा था जुआरी, बढ़ा कर्ज, खेती के लिए भी लिए थे 54 हजार
परिवार के कुछ लोगों और ग्रामीणों ने बताया कि मृतक का बेटा संजू सब्जी बेचने का काम करता था। उसे जुआ खेलने की लत थी। आए दिन वह घर के रुपए जुआ में हार जाता था। बेटे पर बढ़े कर्ज की वजह से पिता रामबृज ने लोगों से काफी उधार ले रखा था। यह बात भी सामने आई कि अपनी खेती के लिए रामबृज ने 54 हजार रुपए कर्ज पर लिए थे। भिलाई के नंदनी में रहने वाली अपनी एक बहन से उसने 2 लाख रुपए ले रखे थे, मृतक के भाई नील सिंह ने बताया कि इन कर्ज के अलावा उसे अलग-अलग लोगों से लिए 7 लाख के कर्ज की जानकारी है।

गृहमंत्री ने इंटेलिजेंस टीम को दिए हैं जांच के निर्देश
यह आत्महत्या है या हत्या का मामला, कोई भी अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहा है। अब इस मामले में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने इंटेलिजेंस टीम को एक्टिव कर दिया है। पूरे मामले की इंटेलिजेंस जांच के निर्देश दिए गए हैं। गृहमंत्री ने इंटेलिजेंस के IG और दुर्ग के SP से फोन पर बात करते हुए इस मामले की जांच जल्द पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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