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9 वर्षीय चित्राक्षी बनीं गौसेवा की मिसाल, कुएं में गिरी गौमाता की बचाई जान; राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए हुई अनुशंसित

गुंडरदेही/बालोद। विकासखंड गुंडरदेही के ग्राम माहुद (अ) की 9 वर्षीय छात्रा चित्राक्षी टंडन ने अपनी सूझबूझ, संवेदनशीलता और तत्परता से गौसेवा की प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। उनके इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें राष्ट्रीय बाल पुरस्कार हेतु अनुशंसित किया गया है।

समय रहते दी सूचना, बच गई गौमाता की जान

जानकारी के अनुसार, 5 मई 2026 की सुबह गांव के एक कुएं में एक गौमाता गिर गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही कक्षा चौथी की छात्रा चित्राक्षी टंडन ने बिना देर किए ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। उनकी सतर्कता और त्वरित सूचना के कारण ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और सामूहिक प्रयास से गौमाता को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सूचना नहीं मिलती, तो गौमाता की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।

राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए अनुशंसा

चित्राक्षी के इस मानवीय और प्रेरणादायक कार्य को देखते हुए गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल तथा ग्रामसभा एवं ग्राम पंचायत माहुद (अ) ने उन्हें राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए अनुशंसित किया है।

बच्चों के लिए बनीं प्रेरणा

ग्रामीणों ने चित्राक्षी टंडन की संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह कार्य समाज के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनका उदाहरण यह संदेश देता है कि छोटी उम्र में भी जागरूकता, सेवा भावना और साहस से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

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