बालोद। शहर के जय स्तंभ चौक से शीतला मंदिर मार्ग पर स्थित दूध गंगा के सामने संजारी क्लब गार्डन इन दिनों बदहाल स्थिति में है। यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले टूटे-फूटे और जर्जर हालत में पड़े हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
🚸 महीनों से खराब, लेकिन नहीं हुई मरम्मत
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कई महीनों से झूले खराब पड़े हैं, लेकिन अब तक नगर पालिका या संबंधित विभाग द्वारा मरम्मत या नए झूले लगाने की कोई पहल नहीं की गई।
गार्डन में रोजाना खेलने आने वाले छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बन गई है।
😡 नागरिकों में नाराजगी, जिम्मेदार कौन?

अभिभावकों और आसपास के लोगों में इस मुद्दे को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों की देखरेख करना नगर पालिका की जिम्मेदारी है, लेकिन यहां साफ तौर पर लापरवाही नजर आ रही है।
🗣️ जनसेवक उमेश कुमार सेन ने उठाई आवाज
जनहित में समर्पित जन सेवक उमेश कुमार सेन ने इस गंभीर समस्या को उठाते हुए कहा—
“यह सिर्फ एक गार्डन का मामला नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर झूलों की मरम्मत या नए झूले लगाने चाहिए।”
❗ बड़े सवाल खड़े
- कब तक आम नागरिक इस तरह की लापरवाही झेलते रहेंगे?
- आखिर जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
- कब जागेगा प्रशासन?
🔧 तत्काल कार्रवाई की मांग
अब जरूरत है कि नगर पालिका और संबंधित अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द गार्डन की स्थिति सुधारें, ताकि यह स्थान फिर से बच्चों के लिए सुरक्षित और आनंददायक बन सके।
यह मामला न सिर्फ व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी बताता है कि जनसुविधाओं की अनदेखी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।
