बालोद की बेटी निकिता ने रचा इतिहास: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में जीता स्वर्ण, छत्तीसगढ़ को दिलाया पहला गोल्ड



बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की होनहार वेटलिफ्टर निकिता ने राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। निकिता ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ को पहला गोल्ड मेडल दिलाकर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।


🏋️‍♀️ 160 किलो वजन उठाकर हासिल किया स्वर्ण

महिला 77 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में निकिता ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 160 किलोग्राम वजन (70 किग्रा स्नैच + 90 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाया और प्रथम स्थान हासिल किया।
इस मुकाबले में ओडिशा की खिलाड़ी दूसरे स्थान पर रहीं।


📍 रायपुर में चल रही राष्ट्रीय प्रतियोगिता

यह प्रतियोगिता राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हो रही है, जहां देशभर से आदिवासी खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। निकिता की इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के खेमे में खुशी और गर्व का माहौल है।


🌟 डौंडी ब्लॉक के छोटे से गांव से राष्ट्रीय मंच तक सफर

निकिता बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के भर्री टोला की रहने वाली हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने मेहनत, लगन और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है, जो आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।


📱 मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर निकिता को बधाई देते हुए लिखा—

**“शाबाश निकिता बिटिया…
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी निकिता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है।

निकिता ने महिला 77 किग्रा भारोत्तोलन में 160 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों के अदम्य साहस, परिश्रम और सपनों की उड़ान का प्रतीक है।

निकिता को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं।

छत्तीसगढ़ को आप पर गर्व है।”**


📞 उपमुख्यमंत्री ने फोन कर दी बधाई

वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने निकिता को फोन कर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


💬 प्रदेश के लिए गर्व का क्षण

निकिता की यह उपलब्धि केवल एक पदक नहीं, बल्कि यह संदेश है कि कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता ने न सिर्फ बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।

You cannot copy content of this page