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स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ प्राचार्यों और शिक्षकों की सेवा शर्तें जारी : चार वर्ष की होगी प्रतिनियुक्ति अवधि

रायपुर -प्रदेश में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल का संचालन विद्यालय के अध्यक्ष और प्रबंध समिति द्वारा किया जाएगा। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्राचार्यों और शिक्षकों के पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाने को भी स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में इन स्कूलों में पदस्थ प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए प्रतिनियुक्ति की सेवा शर्तें भी जारी कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज जारी आदेश के अनुसार प्रतिनियुक्ति की अवधि सामान्यतः 4 वर्ष की होगी। स्कूल संचालन समिति की अनुशंसा पर प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाई जा सकेगी। प्रतिनियुक्ति की अवधि में वृद्धि अथवा कमी करने का अधिकार राज्य शासन को होगा।

स्कूल शिक्षा विभाग से जारी आदेशानुसार प्रदेश में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल से संबंधित कर्मचारी के आवेदन, सहमति के आधार पर राज्य शासन द्वारा अनापत्ति दिए जाने के बाद प्रतिनियुक्ति आदेश शाला संचालन समिति द्वारा जारी किए जाएंगे। प्रतिनियुक्ति की अवधि वर्तमान पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से शुरू होकर आगामी 4 वर्ष के लिए होगी। प्रतिनियुक्ति अवधि में वृद्धि अथवा कमी करने का अधिकार राज्य शासन को होगा। प्रतिनियुक्ति वित्त विभाग के आदेश अनुसार उसके पद के समकक्ष वेतनमान के पद अथवा आगामी पदोन्नति, क्रमोन्नति वेतनमान के समकक्ष वेतनमान के पद पर की जा सकेगी। प्रतिनियुक्ति भत्ता वित्त विभाग के आदेश के अनुरूप दिया जाएगा। अपनी बाह्य सेवा के दौरान प्रतिनियुक्ति सेवक बाह्य नियोजक से उस दर पर महंगाई भत्ता और अंतरिम राहत प्राप्त करेगा जो मूल नियोजक के नियमों के तहत समय-समय पर दिया जाता है।

प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ शासकीय सेवकों के सेवा उल्लेख का संधारण मूल विभाग द्वारा किया जाएगा। प्रतिनियुक्ति सेवक उस अवकाश नियम के अधीन रहेंगे, जो उनकी उस सेवा पर लागू होते हो, जिस सेवा के वे हों। बाह्य सेवा के दौरान लिए गए अवकाश का वेतन बाह्य नियोजक द्वारा ही भुगतान किया जाएगा और बाह्य सेवा के दौरान या उसके अंत में अवकाश अवधियों के लिए किसी भी क्षतिपूर्ति भत्ते का संपूर्ण व्यय संबंधित नियोजक द्वारा वहन किया जाएगा। बाह्य नियोजन प्रतिनियुक्ति सेवक को उनके अधीन सेवा के दौरान और सेवा समाप्ति पर किसी भी निर्योग्यता अवकाश के संबंध में छुट्टी उपलब्धि के भुगतान के लिए उत्तरदायी होगा। प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त कर्मचारी की वरिष्ठता का निर्धारण मूल विभाग में प्रतिवर्ष प्रकाशित होने वाली पदक्रम सूची में यथास्थान दर्शाया जाएगा। प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारी की सेवाएं राज्य शासन आवश्यकतानुसार कभी भी वापस ले सकता है। प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारियों को उनकी सेवा में अनुज्ञेय अवकाश के अलावा अन्य कोई अवकाश की पात्रता नहीं होगी।

    प्रतिनियुक्ति सेवक को बाह्य सेवा की अवधि मूल नियोजक के अधीन पद का कार्यभार छोड़ने की अवधि की तिथि से प्रारंभ होगी और मूल नियोजन के अधीन पद का कार्यभार उन्हें ग्रहण करने की तारीख से समाप्त होगी। यदि प्रतिनियुक्ति सेवक की प्रतिनियुक्ति अवधि में मृत्यु हो जाती है तो प्रतिनियुक्ति अवधि के लिए वित्त विभाग के नियमानुसार अनुग्रह अनुदान का भुगतान बाह्य नियोजक को करना होगा। प्रतिनियुक्ति अवधि में प्रतिनियुक्ति सेवक को अवकाश के समर्पण और नगदीकरण की पात्रता नहीं होगी। मूल नियोजक के नियमों के अनुसार प्रतिनियुक्ति सेवक से प्रतिनियुक्ति की अवधि में सामान्य भविष्य निधि और फेमिली बेनीफीट फंड, ग्रुप इंश्योरेन्स स्कीम के अंतर्गत निर्धारित किश्त की राशि वसूल की जाएगी। प्रतिनियुक्ति की अवधि में बाह्य नियोजक द्वारा इन आदेशों में उल्लेखित वेतन भत्ते तथा सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य कोई सुविधा प्रतिनियुक्ति सेवक को बिना राज्य शासन की पूर्वानुमति के नहीं दी जाएगी। बाह्य नियोजक प्रतिनियुक्ति की निर्धारित अवधि के पूर्व प्रतिनियुक्ति सेवक की सेवाएं राज्य शासन की सहमति के बिना वापस नहीं लौटाई जाएंगी। यदि प्रतिनियुक्ति सेवक की प्रतिनियुक्ति की निर्धारित समय अवधि में वृद्धि आवश्यक हो तो बाह्य नियोजक उसको निर्धारित अवधि की समाप्ति के न्यूनतम एक माह पूर्व अपनी अनुशंसा अग्रेसित करेगा।

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