बेटी से ही दुष्कर्म करने वाले कलयुगी पिता को कोर्ट ने सुनाई मरते दम तक जेल में रहने की सजा



दुर्ग – अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) शुभ्रा पचौरी की कोर्ट ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई है । आरोपी पिता ने बेटी के मामा को भी जान से मारने की धमकी देकर छह वर्षों तक ज्यादती कर रहा था। वर्ष 2019 में पुलगांव पुलिस ने केस दर्ज किया था। लोक अभियोजक कमल किशोर वर्मा ने बताया कि पुलिस ने बेटी की मां की शिकायत पर पिता के खिलाफ 21 जुलाई 2019 को केस दर्ज किया। मामले में विवेचना महिला पुलिस अधिकारी शैल शर्मा ने की। जांच प्रतिवेदन तैयार कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले 39 वर्षीय पिता को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आधार 323 के तहत 6 महीने की जेल और 5 सौ रुपए का अर्थदंड लगाया है। हर्जाने की राशि जमा नहीं करने पर 1 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है। आईपीसी की धारा 506बी के तहत 5 वर्ष की सजा,5 सौ रुपए का फाइन लगाया है। पैसा जमा नहीं करने की स्थिति में 1 महीने की जेल। धारा 376 (2) और 376 (3) के तहत मरते दम तक जेल में रहने की सजा भुगतना होगा। कोर्ट ने 5-5 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।

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