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महिला दिवस विशेष:संघर्ष, सेवा और नेतृत्व—बालोद की दो महिला विधायक महिलाओं के लिए मिसाल

बालोद की दो सशक्त महिला विधायक बनीं महिलाओं की प्रेरणा,अनिला भेंडिया और संगीता सिन्हा ने राजनीति में मजबूत नेतृत्व से बनाई अलग पहचान

बालोद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बालोद जिले की राजनीति में सक्रिय दो सशक्त महिला जनप्रतिनिधियों—डौंडी-लोहारा विधायक अनिला भेंडिया और संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा—का नाम विशेष रूप से लिया जाता है। दोनों नेताओं ने परिवार की जिम्मेदारियों के साथ राजनीति में सक्रिय रहकर समाज में महिलाओं के लिए एक मजबूत उदाहरण पेश किया है। आज बालोद जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर महिला नेतृत्व है। डौंडी-लोहारा विधानसभा से कांग्रेस की अनिला भेंडिया लगातार तीसरी बार विधायक चुनी गई हैं, वहीं संजारी-बालोद विधानसभा से कांग्रेस की संगीता सिन्हा दूसरी बार विधायक बनी हैं।


संगीता सिन्हा: दूसरी बार विधायक, परिवार से मिला राजनीतिक अनुभव

संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 59 से कांग्रेस की प्रत्याशी संगीता सिन्हा ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी राकेश यादव को 17,046 मतों के अंतर से पराजित कर दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्हें 84,649 वोट प्राप्त हुए, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 67,603 वोट मिले।

इससे पहले 2018 में भी संगीता सिन्हा पहली बार विधायक चुनी गई थीं। उनके पति भैयाराम सिन्हा भी पूर्व में बालोद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं, जिससे उन्हें राजनीति का अनुभव और मार्गदर्शन मिला।

संगीता सिन्हा का जन्म 6 फरवरी 1975 को ग्राम बोड़रा (जिला बालोद) में हुआ। उन्होंने धमतरी के शासकीय कॉलेज से स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है। कृषि और व्यापार से जुड़ी संगीता सिन्हा को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का सदस्य भी बनाया जा चुका है और उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए उत्कृष्ट विधायक का खिताब भी मिल चुका है।


अनिला भेंडिया: तीसरी बार विधायक, पूर्व मंत्री रह चुकी हैं

डौंडी-लोहारा विधानसभा (क्रमांक 60) अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित सीट है। यहां से कांग्रेस की अनिला भेंडिया लगातार तीसरी बार विधायक चुनी गई हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी देवलाल ठाकुर को 35,579 मतों के बड़े अंतर से हराया। उन्हें 1,02,762 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 67,183 वोट प्राप्त हुए। अनिला भेंडिया इससे पहले 2013 और 2018 में भी विधायक चुनी जा चुकी हैं। वर्ष 2018 में जीत के बाद उन्हें भूपेश बघेल सरकार में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री बनाया गया था। उनका जन्म 25 फरवरी 1967 को ग्राम कोसमी (जिला बालोद) में हुआ। उन्होंने स्नातकोत्तर तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पति स्वर्गीय रविंद्र कुमार भेंडिया पूर्व आईपीएस अधिकारी थे, जो आईजी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पति के निधन के बाद भी उन्होंने चुनौतियों का सामना करते हुए जनता की सेवा का मार्ग चुना और राजनीति में मजबूत पहचान बनाई।


महिला दिवस पर संगीता सिन्हा का संदेश

महिला दिवस के अवसर पर विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। गांव की महिलाएं शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं यदि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। परिवार और समाज के सहयोग से महिलाएं राजनीति, प्रशासन, व्यवसाय और शिक्षा जैसे हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।


महिला दिवस पर अनिला भेंडिया का संदेश

विधायक अनिला भेंडिया ने कहा कि महिलाओं में अपार शक्ति और नेतृत्व क्षमता होती है। जरूरत है तो केवल अवसर और आत्मविश्वास की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी के माध्यम से महिलाएं समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे आगे आकर नेतृत्व करें, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर भविष्य को मजबूत बनाएं।


जिले की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं दोनों नेता

बालोद जिले की इन दोनों महिला विधायकों ने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के प्रति समर्पण के साथ महिलाएं राजनीति में भी उत्कृष्ट नेतृत्व दे सकती हैं। यही कारण है कि आज वे जिले की हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।

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