बालोद में ‘बच्चा चोर’ की अफवाह से मचा डर: शक में मानसिक विक्षिप्त युवक की पिटाई, सलोनी में तीन संदिग्ध भी पकड़े गए



बालोद। जिले में इन दिनों ‘बच्चा चोर गिरोह’ को लेकर तरह-तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। सोशल मीडिया और आपसी चर्चा के कारण ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल बन गया है। कई जगहों पर अनजान लोगों को बच्चा चोर समझकर उनके साथ मारपीट तक की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस को देने की अपील की है।
परसाही में मानसिक विक्षिप्त युवक की कर दी पिटाई
हाल ही में ग्राम परसाही में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को ग्रामीणों ने बच्चा चोर होने के शक में पकड़ लिया। अफवाह के चलते कुछ लोगों ने उसकी बेदम पिटाई कर दी। बाद में घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने संरक्षण में लिया।
पुलिस द्वारा पूछताछ और जांच में पता चला कि वह युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसका किसी बच्चा चोर गिरोह से कोई संबंध नहीं है। जानकारी के अनुसार वह आंध्र प्रदेश के किसी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी पहचान और पते की पतासाजी शुरू कर दी है तथा उसे सुरक्षित उसके घर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि अफवाहों के कारण निर्दोष लोगों के साथ भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए पुलिस ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है।
सलोनी गांव में तीन संदिग्ध पकड़ाए
इधर हल्दी चौकी क्षेत्र के ग्राम सलोनी में भी होली से पहले तीन संदिग्ध लोगों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। गांव में बच्चा चोर गिरोह की अफवाह पहले से फैल रही थी, इसलिए ग्रामीणों को संदेह हुआ और उन्होंने उन तीनों को रोक लिया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को चौकी ले जाकर पूछताछ की। पूछताछ में उन लोगों ने खुद को सांप पकड़ने वाला बताया। पुलिस ने उनके बयान और अन्य तथ्यों की जांच की, हालांकि उनके खिलाफ किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की पुष्टि नहीं हो सकी।
अफवाहों के कारण बढ़ रहा खतरा
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर सोशल मीडिया मैसेज और अफवाहों के कारण डर का माहौल बन जाता है। कई बार लोग बिना पूरी जानकारी के किसी भी अनजान व्यक्ति को बच्चा चोर समझ लेते हैं और उसके साथ दुर्व्यवहार कर बैठते हैं।
पुलिस का कहना है कि ऐसी घटनाओं से निर्दोष लोगों की जान को खतरा हो सकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा करने से पहले सच्चाई जानना जरूरी है।
पुलिस ने लोगों से की अपील
जिला पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी गांव या मोहल्ले में कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो खुद कार्रवाई करने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।
पुलिस ने यह भी कहा है कि अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है और यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी फैलाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सतर्क रहें, लेकिन अफवाहों से बचें
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी संगठित बच्चा चोर गिरोह की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में लोगों को सतर्क तो रहना चाहिए, लेकिन किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ मारपीट या कानून हाथ में लेने से बचना चाहिए।
ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें, लेकिन किसी भी संदिग्ध मामले में तुरंत पुलिस को सूचना देकर ही आगे की कार्रवाई होने दें।
अफवाहों के दौर में जागरूकता और संयम ही ऐसी घटनाओं से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

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