सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन के अनुसार हुआ निरीक्षण, 7 दिन में खामियां दूर करने के सख्त निर्देश
बालोद। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए Balod Police एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से स्कूली बसों का विशेष जांच अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बालोद श्री बोनीफॅास एक्का एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक श्री रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में 01 मार्च 2026 को परिवहन कार्यालय बालोद के सामने संयुक्त चेकिंग शिविर का आयोजन किया गया।
🔎 26 स्कूली बसों का किया गया बारीकी से निरीक्षण
संयुक्त टीम द्वारा जिले में संचालित कुल 26 स्कूली बसों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बसों को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप परखा गया।
बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर, सीसीटीवी कैमरा की स्थिति, डायल 112/पुलिस कंट्रोल रूम नंबर का स्पष्ट प्रदर्शन, नर्सरी एवं छोटे बच्चों के लिए महिला परिचालिका की नियुक्ति तथा स्कूली बस्तों के लिए पर्याप्त स्थान जैसी व्यवस्थाओं की गंभीरता से जांच की गई।
⚠️ दो बसों में खामी, 1500 रुपये की कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान दो स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों में खामी पाई गई। इस पर संबंधित संचालकों पर 1500 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही बस संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे 07 दिवस के भीतर सभी कमियों को दूर कर परिवहन विभाग बालोद को अवगत कराएं।
🚦 जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील
अभियान के दौरान स्कूल बस चालकों, संचालकों एवं लाइसेंस बनवाने आए आम नागरिकों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता, सभी दस्तावेज अद्यतन रखना और सुरक्षा उपकरणों को दुरुस्त रखना अनिवार्य बताया गया।
👮♂️ संयुक्त टीम रही उपस्थित
संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रकाश रावटे, सउनि अब्दुल अफजल खान (यातायात बालोद), आरटीओ बालोद, यातायात स्टाफ तथा विभिन्न स्कूलों के बस चालक एवं संचालक उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के संयुक्त निरीक्षण अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
