रेंगाडबरी में 19 लाख के कार्य पर इंजीनियर-ठेकेदार की मिलीभगत की आशंका, मजदूरों ने की जांच की मांग
नेमन साहू, डौण्डी लोहारा (बालोद)। वनांचल क्षेत्र के ग्राम रेंगाडबरी में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मटिया मोती नाला, मंगचुवा रोड साइड लगभग 19 लाख रुपये की लागत से एनीकट (स्टॉप डेम) निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन इस कार्य में इंजीनियर और ठेकेदार की लापरवाही के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
मौके पर कार्यरत मजदूरों का कहना है कि वे पिछले एक सप्ताह से कार्य कर रहे हैं, परंतु निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है। मजदूरों के अनुसार स्टॉप डेम के बेस निर्माण में दो फीट कंक्रीट डालने के बाद रॉड का उपयोग किया जा रहा है, वह भी बिना चटाई एवं एल्बो रॉड के। साथ ही 8 एमएम की रॉड का इस्तेमाल ऊपर गाड़कर किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मजदूरों का आरोप है कि संबंधित इंजीनियर मनीष आर्डे दो-तीन बार स्थल पर आ चुके हैं और कार्य देखकर गए हैं, बावजूद इसके कथित अनियमितताओं पर कोई सुधार नहीं किया गया। जब इस्टीमेट की जानकारी मांगी गई तो बताया गया कि इसे सरपंच पति को दे दिया जाएगा, जबकि सरपंच पक्ष का कहना है कि कई बार मांगने के बावजूद इस्टीमेट उपलब्ध नहीं कराया गया।
बताया जा रहा है कि लगभग 30 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मजदूरों डोमार सिंह नायक, शेखर निषाद सहित लगभग 20-22 श्रमिकों की मौजूदगी में शासन-प्रशासन से कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। मजदूरों का कहना है कि यदि जांच में दोष सिद्ध हो तो संबंधित इंजीनियर के विरुद्ध सख्त कार्रवाई एवं निलंबन किया जाए, ताकि भविष्य में शासकीय राशि के दुरुपयोग पर रोक लग सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं की गई तो लाखों रुपये की लागत से बन रहा यह एनीकट भविष्य में अनुपयोगी साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है।
