राजनांदगांव। जिला प्रशासन राजनांदगांव, यूनिसेफ एवं सर्वहितम – एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के संयुक्त तत्वावधान में श्री विनोद टेम्बुकर के नेतृत्व में युवोदय राजनांदगांव तथा शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा विकासखंड डोंगरगांव के ग्राम पंचायत आरी में मनरेगा कार्यस्थल पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक और सार्वजनिक संवाद के माध्यम से ग्रामीण पालकों एवं किशोर-किशोरियों को सामाजिक एवं पारिवारिक विषयों पर जागरूक किया गया। स्वयंसेवकों ने अच्छे पालक की साझा जिम्मेदारी और सकारात्मक पालन-पोषण, किशोरों के समुचित पोषण और शारीरिक आत्मविश्वास, बाल विवाह मुक्त अभियान के अंतर्गत बाल विवाह की रोकथाम, साइबर अपराध से बचाव तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही “रूप नहीं, गुण और पढ़ाई का कोना” संदेश के माध्यम से बच्चों में आंतरिक प्रतिभा, शिक्षा और संस्कार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
ग्राम पंचायत आरी में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 200 से अधिक ग्रामीण पालकों ने भाग लिया। विद्यालय स्तर पर भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे स्कूली बच्चे इन महत्वपूर्ण विषयों के प्रति सजग हो सकें।
जागरूकता अभियान के अंतर्गत अमलीडीह, रूदगांव, अर्जुनी, तुमड़ीबोड़, जंगलपुर सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों और विद्यालयों में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से ग्रामीणों में सकारात्मक सोच विकसित हो रही है तथा किशोरों में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ती दिखाई दे रही है।
नुक्कड़ नाटक की प्रभावी और संवादात्मक शैली ने ग्रामीणों को सहज रूप से संदेश समझने में मदद की। जिला प्रशासन ने इस पहल को सामुदायिक जागरूकता और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की प्रतिबद्धता जताई है।
