यहां युवा अधिकारियों ने उठाया जिम्मा,युवा कोचिंग क्लास मे छत्तीसगढ़ के 200 से अधिक छात्र छात्राओं को मिल रही निशुल्क प्रतियोगी परीक्षा की शिक्षा..
रायपुर/बालोद – कभी बालोद के कलेक्टर रहे राजेश सिंह राणा आज रायपुर में भी बालोद की तर्ज पर गरीब बच्चों को निशुल्क कोचिंग देने की पहल कर रहे हैं. दिनभर ड्यूटी के बाद वे खुद कोचिंग क्लास में जाकर पढाते हैं .इन दिनो राजधानी रायपुर के युवा अधिकारियों ने छात्र छात्राओ को निशुल्क प्रतियोगी परीक्षा के लिए शिक्षा देने का बीड़ा उठाया है. खास तौर पे ऐसे समय में जब कोऱोना के चलते स्कूल,कालेज,महाविद्यालय सहित कोचिंग संस्थानों मे छात्र छत्राओ की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी उस वक्त रायपुर युवा कोचिंग संस्थान से जुड़े अधिकारियों ने बच्चो को निशुल्क पीएससी, एसएससी एवं व्यापम की शिक्षा देने की मुहिम छेड़ दी है. जहा राजधानी रायपुर ही नही बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य जिलो के लगभग 200 से अधिक बच्चे कोचिंग ले रहे हैं. लाभ प्राप्त कर रहे है. रोजाना ये अधिकारी अपने दिये हुए दायित्वों का निर्वहन करने के बाद युवा क़ोचिंग संस्थान में जाकर बच्चो को पढ़ाते हुए भी नजर आ रहे है. उक्त मुहिम से ऐसे बच्चो को लाभ मिल रहा जो गरीब तबके से है. जिनके पास हुनर तो बहुत है पर बड़े संस्थान में पढ़ने आर्थिक स्थिति कमजोर है, ऐसे छात्र छात्राएं भी रोजाना निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे।

इस मुहिम की शुरुआत और किसी ने नही बल्कि उस युवा अधिकारी ने की है, जिन्होंने कलेक्टर रहते बालोद और बलौदाबाजार जिले के शिक्षा के क्षेत्र मे नयी क्रांति लाई थी. जिससे दोनो जिलो में शिक्षा का स्तर छत्तीसगढ़ में टाप में आया था. दोनो जिलो में निशुल्क कोचिंग क्लासेस और ई-लाईब्रेरी की शुरुआत करके जिले के छात्र छत्राओ को सीधा लाभ पहुचाया था. वे आईएएस अधिकारी राजेश सिंह राणा हैं, आज अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर जिनमे जीएसटी विभाग के राजीव जी भी शामिल है. राजधानी रायपुर में ये मुहिम चला रहे और छत्तीसगढ़ के बच्चो को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रहे।
