बालोद। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर बालोद जिले के झलमला चौक पर धरना उपरांत जिला अध्यक्ष बालक सिंह साहू के नेतृत्व में राज्यपाल/मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है, जिसके कारण हजारों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री घनश्याम चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार किसानों की अनदेखी कर रही है। सरकार ने घोषणा की थी कि धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी, लेकिन कई केंद्रों में 17, 18 और कुछ जगहों पर 25 नवंबर से खरीदी प्रारंभ हुई। अब सरकार द्वारा 29 जनवरी को धान खरीदी बंद किए जाने की स्थिति बनी, जबकि पहले 31 जनवरी तक खरीदी की बात कही गई थी। यह सरकार की कथनी और करनी में अंतर को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने साजिश के तहत लाखों छोटे किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराया है। कई किसानों को आज तक न ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन टोकन मिला। टोकन व्यवस्था में भी भेदभाव करते हुए छोटे किसानों को एक, मध्यम किसानों को दो और बड़े किसानों को तीन टोकन दिए गए, फिर भी किसान अपनी पूरी फसल नहीं बेच पा रहे हैं।
श्री चंद्राकर ने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी केंद्रों की प्रतिदिन की सीमा कम कर दी गई, जिससे किसान केवल लाइनों में खड़े होकर परेशान होते रहे। टोकन काटने से पहले पटवारी, आरआई और तहसीलदार द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जा रहा है, जिससे किसानों को अपमानित महसूस कराया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार की नजर में किसान चोर हैं?
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि धान बोवाई से लेकर अब तक किसानों को बीज, खाद और यूरिया के लिए भटकना पड़ा। एग्रीस्टेक की खराबी का हवाला देकर पहले ही लाखों किसानों का रकबा काट दिया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि अब तक प्रदेश में लगभग 15 प्रतिशत किसान धान बेचने से वंचित रह चुके हैं। कर्ज में डूबे किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य की भाजपा सरकार की है।
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए श्री चंद्राकर ने कहा कि मंत्रिमंडल का हर मंत्री किसान परिवार से होने का दावा करता है, फिर भी किसानों की अनदेखी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार धान खरीदी व्यवस्था में पूरी तरह असफल साबित हुई है। सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि लाखों क्विंटल धान चूहों द्वारा खा लिए जाने का बहाना बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी पर एफआईआर नहीं हुई है।
आम आदमी पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि राज्य सरकार किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराना बंद करे, टोकन के नाम पर भौतिक सत्यापन कर किसानों का अपमान करना बंद करे, सभी किसानों को समुचित टोकन व्यवस्था उपलब्ध कराए तथा धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए, ताकि प्रदेश का अन्नदाता किसान अपनी पूरी फसल बेच सके।
इस अवसर पर लोकसभा सचिव चौवेन्द्र साहू, डॉ. भुनेश्वर कुंभकार, जिला सचिव कैलाश बंजारे, कार्यालय प्रभारी डॉ. गुमान, मिथलेश साहू, हरिश गजेंद्र, यशोदा गवई, धर्मेंद्र, श्रीराम निषाद, रोहित, नूतन साहू, मनोज कोढारी, शैलेश साहू, मधुसूदन साहू, मोहन निषाद, यशवंत निषाद, राजेंद्र साहू सहित आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
किसानों की मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन, धान खरीदी 28 फरवरी तक बढ़ाने की मांग
