शेखर गुप्ता,दल्लीराजहरा।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर पुष्पा मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, दल्लीराजहरा में कुष्ठ निवारण एवं जागरूकता दिवस बड़े उत्साह और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों और कलंक को दूर करना तथा प्रभावित व्यक्तियों को सम्मानपूर्वक मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुष्पा अस्पताल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एन्सिली फ्रांसिस के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता, जागरूकता और करुणा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गांधी ने कुष्ठ रोगियों के प्रति अस्पृश्यता के मिथक को तोड़ा — डॉ. जाना
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जाना ने अपने मुख्य उद्बोधन में कहा कि महात्मा गांधी ने कुष्ठ रोगियों के प्रति समाज में व्याप्त अस्पृश्यता और भेदभाव के मिथक को तोड़ते हुए निस्वार्थ सेवा की मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि आज भी आवश्यकता है कि समाज कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों को सम्मान और समान अधिकार दे तथा उन्हें मुख्यधारा में शामिल करे।
60 वर्षों से एएसएमआई सिस्टर्स कुष्ठ उन्मूलन में सक्रिय
इस अवसर पर आईएमए दल्लीराजहरा के अध्यक्ष डॉ. धुर्वे ने पुष्पा अस्पताल द्वारा कुष्ठ रोगियों को निःशुल्क उपचार एवं देखभाल उपलब्ध कराने की सराहना की। उन्होंने बताया कि पिछले 60 वर्षों से एएसएमआई सिस्टर्स शासन के साथ मिलकर कुष्ठ उन्मूलन के कार्य में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं, जो समाज सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण है।
कार्यक्रम में राजहरा पैथोलॉजी के प्रभारी श्री न्यूटन, श्रमजीवी पत्रकार संघ के ब्लॉक अध्यक्ष शेखर गुप्ता, गौतम कॉलेज ऑफ नर्सिंग के छात्र-छात्राएं एवं स्टाफ भी उपस्थित रहे।
पूजा-अर्चना और गांधी जी को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पा अस्पताल के स्टाफ द्वारा प्रार्थना नृत्य से हुई। इसके पश्चात डॉ. एन्सिली फ्रांसिस ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया। डॉ. जाना एवं डॉ. धुर्वे द्वारा आरती की गई। गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप दो मिनट का मौन रखकर नमन किया गया।
नाट्य प्रस्तुति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दिया जागरूकता का संदेश
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत पुष्पा अस्पताल के स्टाफ द्वारा “बेटी बचाओ” विषय पर नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें बालिका संरक्षण और सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। वहीं गौतम कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने कुष्ठ रोग पर आधारित जागरूकता नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें रोग की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रभावी संदेश दिया गया।
जागरूकता रैली के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में पुष्पा अस्पताल की प्रशासिका सिस्टर अखिला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सिस्टर एंटोनेट, सिस्टर रूफिना, सिस्टर पियूषा, सिस्टर जियो, डॉ. अंकित एवं डॉ. अक्षता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह का समापन जागरूकता रैली के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने भाग लेकर समाज में करुणा, स्वीकृति और कुष्ठ रोग उन्मूलन का संदेश दिया। पुष्पा अस्पताल में आयोजित यह कुष्ठ निवारण दिवस समारोह सेवा, जागरूकता और समाज के वंचित वर्गों के समग्र उत्थान के प्रति अस्पताल की निरंतर प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण बना।
