बालोद। ग्राम कोटगांव स्थित धान खरीद केंद्र में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तहसीलदार के आश्वासन के बाद तालाबंदी स्थगित कर दी है, लेकिन किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक धान की खरीदी नहीं हो जाती, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
धान नहीं बेच पाने से परेशान ग्राम कोटगांव के किसानों ने बीते शुक्रवार को धान खरीद केंद्र में तालाबंदी कर दी थी और केंद्र के सामने धरने पर बैठ गए थे। रविवार को तहसीलदार मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा कर उन्हें एक सप्ताह के भीतर धान खरीदी कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने खरीद केंद्र में लगाए गए ताले खोल दिए, हालांकि किसानों का कहना है कि धरना अभी भी जारी रहेगा।
किसानों ने बताया कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद वे पिछले एक सप्ताह से टोकन मिलने का इंतजार करते रहे। अंतिम तिथि तक टोकन नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी बढ़ती गई। किसानों को उम्मीद थी कि धान खरीदी की अवधि बढ़ाई जाएगी, लेकिन कोई सूचना नहीं मिलने पर मजबूरन उन्होंने तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
गौरतलब है कि सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोटगांव में शासन के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। यहां प्रतिदिन खरीदी की सीमा पहले 1212 क्विंटल थी, जिसे बाद में घटाकर 900 क्विंटल और फिर गुरुवार से 500 क्विंटल कर दिया गया। इसके बावजूद सत्यापन कराए गए धान के लिए किसानों को टोकन नहीं मिल पाया। इस स्थिति से कुल 39 किसान प्रभावित हुए हैं।
खरीद केंद्र में धान रखकर कर रहे प्रदर्शन
किसान सालिक देशमुख, तुलसी देशमुख, कमलेश ठाकुर, तुलसी राम सिन्हा, संजय महेश्वर, उद्दाल सिन्हा, शिवराम यदु, कल्याण यदु, कृपा राम यादव, गजाधर यदु, कृष्ण कुमार यदु सहित अन्य किसानों ने खरीद केंद्र में धान रखकर धरना प्रदर्शन किया।
किसानों का कहना है कि जब अधिकारियों द्वारा बचे हुए धान का सत्यापन कराया गया, तो उसकी खरीदी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। किसानों ने बताया कि शुरुआत से ही टोकन लेने में परेशानी होती रही और अंत में अंतिम तिथि तक भी उनका धान नहीं खरीदा गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक धान की खरीदी नहीं होती, तब तक वे लगातार धरना प्रदर्शन करते रहेंगे।
