आपके बाद भी आपकी निगाहें जिएंगी: बालोद के बाबूराम कमल का 33वां देहदान, नवदृष्टि फाउंडेशन के माध्यम से समाज को अनुपम सेवा

बालोद | छत्तीसगढ“आपके बाद भी आपकी निगाहें इस खूबसूरत दुनिया को देख सकती हैं”—इस संदेश को साकार करते हुए बालोद निवासी स्वर्गीय श्री बाबूराम कमल जी का मरणोपरांत देहदान नवदृष्टि फाउंडेशन, दुर्ग-भिलाई के माध्यम से संपन्न हुआ। यह नवदृष्टि फाउंडेशन का 33वां देहदान है, जो समाज में मानवता और परोपकार की मिसाल बन गया है।
धर्मनिष्ठ, सरल स्वभाव और समाज के प्रति सदैव समर्पित रहे श्री बाबूराम कमल जी के निधन के पश्चात उनके पारिवारिक जनों की सहमति से उनकी देह मानव समाज के कल्याणार्थ समर्पित की गई। इस पुनीत निर्णय से न केवल चिकित्सा शिक्षा को सहयोग मिलेगा, बल्कि समाज में देहदान जैसे महादान के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
परिजनों—पत्नी श्रीमती अनुसुईया बाई, पुत्र दीपक सिंह ठाकुर, पुत्री रितु, तथा बहू गीतांजलि की सहमति से देह को शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द किया गया। देहदान प्रक्रिया में बालोद बीएमओ डॉ. जितेंद्र एवं प्रवीण नायक का सराहनीय सहयोग रहा। शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की डॉ. अंजलि वंजारी के निर्देशन में दीपक रवानी एवं दया राम महिलांग द्वारा देहदान की समस्त प्रक्रिया पूर्ण की गई।
नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों ने स्वर्गीय श्री बाबूराम कमल जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कमल परिवार को इस महान और प्रेरणादायक कार्य के लिए हृदय से साधुवाद एवं सादर नमन किया। फाउंडेशन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के कार्य समाज को परोपकार और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।

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