बालोद। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि 30 जनवरी 2026 को शराब भट्टियों को बंद कर शुष्क दिवस घोषित करने की मांग को लेकर युवा कांग्रेस बालोद ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। युवा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बालोद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए जिले की सभी शराब भट्टियों को बंद रखने की मांग की।
युवा कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श, त्याग और देश की आज़ादी में उनके ऐतिहासिक योगदान के सम्मान में पूर्व की सरकारों द्वारा उनकी जयंती और पुण्यतिथि को शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद जानबूझकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम और विचारधारा को हाशिये पर धकेलने की साजिश की जा रही है।
उन्होंने कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 30 जनवरी जैसे पवित्र और ऐतिहासिक दिन पर अब तक शराब भट्टी बंद रखने का कोई आदेश जारी नहीं किया जाना सरकार की संवेदनहीनता और गांधी जी के अपमान का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह न केवल राष्ट्रपिता का अनादर है, बल्कि देश की आत्मा पर भी हमला है।
युवा कांग्रेस ने प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 जनवरी को बालोद जिले की सभी शराब भट्टियां बंद नहीं की गईं, तो युवा कांग्रेस कार्यकर्ता भट्टियों के सामने “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम” के जयघोष के साथ उग्र आंदोलन करेंगे। आंदोलन से उत्पन्न किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और भाजपा सरकार की होगी।
युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल शराब भट्टी बंद कराने का नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान, उनके विचारों और देश की मूल आत्मा की रक्षा का आंदोलन है, जिससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
गांधी जी की पुण्यतिथि पर शराब भट्टी बंद न करने पर भड़की युवा कांग्रेस, जिला प्रशासन को सौंपा चेतावनी भरा ज्ञापन
