बालोद । नवा रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर चल रही मध्याह्न भोजन रसोइया संघ की हड़ताल को आज संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने पहुंचकर खुला और नैतिक समर्थन दिया। धरनास्थल पर पहुंचते ही विधायक ने रसोइयों की मांगों को जायज़ बताते हुए प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता मध्याह्न भोजन रसोइया संघ की न्यायोचित मांगों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने प्रदेश सरकार की वेतन विसंगति पर चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि 14 वर्षों की सत्ता ने सरकार को अहंकारी और असंवेदनशील बना दिया है।
उन्होंने दो टूक कहा कि अब छत्तीसगढ़ की जनता जाग चुकी है और अहंकारी व अमानवीय सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।
विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़वासियों के शोषण में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। वर्तमान महंगाई और परिस्थितियों के अनुरूप वेतन एवं सुविधाएं देने से सरकार लगातार बच रही है।
विधायक सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ संसाधनों से भरपूर राज्य है, लेकिन इसके बावजूद सरकार जानबूझकर यहां के मेहनतकश वर्ग को उसका हक देने से इंकार कर रही है। यह सरकार गरीब, श्रमिक और रसोइयों की मेहनत पर राजनीति कर रही है, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही रसोइया संघ की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और सरकार को सड़कों पर जवाब देना पड़ेगा।
मध्याह्न भोजन रसोइया संघ की हड़ताल को संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा का खुला समर्थन
