बालोद/गुरूर।धान बेचने से वंचित किसानों के साथ खड़ी होकर संजारी–बालोद विधानसभा की लोकप्रिय विधायक संगीता सिन्हा ने एक बार फिर किसानों की आवाज बुलंद की। पलारी–सनौद धान उपार्जन केंद्र में 26 किसानों का रकबा बिना अनुमति जबरन समर्पित किए जाने के गंभीर मामले के विरोध में विधायक स्वयं किसानों के साथ धरना-प्रदर्शन पर बैठीं और शासन-प्रशासन को जमकर आड़े हाथों लिया।
आज पलारी–सनौद धान उपार्जन केंद्र में सामने आया कि तहसीलदार के दबाव में कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा किसानों की जानकारी और सहमति के बिना रकबा समर्पण कर दिया गया। इस घटना से सनौद, पलारी, सांगली, भिराई और बोहारा के किसान आक्रोशित हो गए। सूचना मिलते ही विधायक संगीता सिन्हा तत्काल मौके पर पहुंचीं और किसानों के साथ मोर्चा संभाल लिया।
विधायक ने ठोस दस्तावेजी प्रमाणों के साथ तहसीलदार को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि
किसानों का रकबा जबरन समर्पण पूरी तरह असंवैधानिक है,
बिना अनुमति धान समर्पण किसानों के सम्मान पर सीधा हमला है,
पोर्टल में की गई गड़बड़ियों और पटवारी–सचिवों द्वारा किए जा रहे मनमाने सत्यापन को तत्काल रोका जाए।
विधायक ने तत्काल टोकन काटने, समर्पित रकबा वापस करने और सभी विसंगतियों को दूर करने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी किसानों और कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
विधायक संगीता सिन्हा ने विशेष रूप से पलारी के किसान तेजराम साहू (211 क्विंटल) एवं बसंत कुमार सोनबेर (21 क्विंटल) का धान बिना अनुमति समर्पित किए जाने का कड़ा विरोध किया और किसानों को चोर साबित करने वाली भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।
धरना-प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित किसानों ने सोसायटी में ताला जड़ दिया और विधायक के साथ धरने पर बैठ गए।
इस आंदोलन में पूर्व विधायक भैय्याराम सिन्हा, किशोर साहू (अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गुरूर), टोमन साहू (विधायक प्रतिनिधि, जनपद पंचायत गुरूर), बसंत सोनबेर (पूर्व मंडी उपाध्यक्ष) सहित कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आसपास के किसान उपस्थित रहे।
किसानों के हक पर हमला बर्दाश्त नहीं: पलारी–सनौद सोसायटी में जबरन रकबा समर्पण के खिलाफ सड़क पर उतरीं विधायक संगीता सिन्हा, तहसीलदार को घेरा
