बालोद। भारत सरकार के ‘माय भारत युवा कार्यक्रम’ के अंतर्गत युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित अंतरराज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में बालोद जिले के देवेंद्र कुमार साहू ने सूरत (गुजरात) में छत्तीसगढ़ राज्य का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को देश के विभिन्न राज्यों की कार्यशैली, औद्योगिक संरचना और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ की टीम ने सूरत के विश्वविख्यात बिजनेस मॉडल, विशाल औद्योगिक ढांचे और हीरा उद्योग का गहन अध्ययन किया। प्रतिभागियों ने हीरा तराशने की इकाइयों का भ्रमण कर वहां के कुशल प्रबंधन, आधुनिक तकनीक और वैश्विक व्यापारिक नेटवर्क को नजदीक से समझा। साथ ही सूरत के उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब और अडानी हजीरा पोर्ट की व्यवस्थाओं की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
युवाओं को स्टैचू ऑफ यूनिटी के दर्शन का अवसर मिला, जहां लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के भारत के एकीकरण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को समझा गया। इसके अतिरिक्त गुजरात के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों तथा सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (SVNIT) का भ्रमण भी कराया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ की टीम द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी राज्यों के प्रतिभागियों का मन मोह लिया, जिसे खूब सराहना मिली।
समाज सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय देवेंद्र कुमार साहू बालोद जिले में युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहे हैं। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ‘माय भारत’ की यह पहल उन्हें प्रोफेशनल दुनिया की वास्तविक चुनौतियों और संभावनाओं को समझने में मील का पत्थर साबित हुई है। सूरत के बिजनेस मॉडल और औद्योगिक व्यवस्था से मिली सीख को वे अपने क्षेत्र के विकास में साझा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अन्य राज्यों की कार्यप्रणाली से जोड़कर राष्ट्रीय एकता, विकास और नवाचार की भावना को और अधिक सशक्त बनाना रहा।
