DAILY BALOD NEWS

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बालोद की तस्वीर देशभर में बनी चर्चा का विषय, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साझा की मानव श्रृंखला की फोटो

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भेजा मैदानी की एक तस्वीर ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। केंद्र सरकार की ‘वीबी जी राम जी’ (विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन – ग्रामीण) योजना से जुड़े एक प्रेरक दृश्य को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (एक्स/ट्विटर) पर साझा किया है। इस तस्वीर में ग्रामीणों और श्रमिकों द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला ने योजना के प्रति जनभागीदारी और जागरूकता का सशक्त संदेश दिया है।

अपने ट्वीट में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि छत्तीसगढ़ की भेजा मैदानी ग्राम पंचायत से एक सुंदर और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां 282 श्रमिक भाई-बहनों ने मानव श्रृंखला बनाकर विकसित भारत के संकल्प को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबी मुक्त, रोजगारयुक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर गांव के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है और इसे लेकर श्रमिकों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

दरअसल, ग्राम पंचायत भेजा मैदानी में नया तालाब गहरीकरण कार्य के दौरान ग्रामीणों और मजदूरों को योजना के उद्देश्य, महत्व और लाभों की जानकारी दी गई। इसी दौरान मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया, जिसने एक सकारात्मक सामाजिक संदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया।

जनपद पंचायत गुरुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमेश रात्रे ने बताया कि ‘वीबी जी राम जी’ योजना के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों का रोजगार तथा 7 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान का प्रावधान किया गया है। साथ ही खेती-किसानी को ध्यान में रखते हुए वर्षा ऋतु में 2 माह कार्य बंद रखने की व्यवस्था भी शामिल है। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि भेजा मैदानी ग्राम पंचायत में वर्तमान में इस योजना के तहत चल रहे तालाब गहरीकरण कार्य से 282 मजदूरों को नियमित रोजगार मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री द्वारा बालोद जिले की इस तस्वीर को साझा किया जाना न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य अब राष्ट्रीय मंच पर पहचान बना रहे हैं।

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