नाबालिग से दुष्कर्म करने पर 20 वर्ष का कारावास, प्रेमजाल में फंसाया ,नागपुर ले जाकर मंदिर में कर ली थी शादी

बालोद। कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा गोपाल यादव उम्र-30 वर्ष, ग्राम-परसाडीह, थाना सुरेगांव, जिला बालोद (छ.ग.) को अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 363 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, भा.द.वि. की धारा 366 के आरोप में सात वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड लैंगिक अपराध की धारा 6 के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार दिनांक 16-01-2024 को नाबालिग पीड़िता अपने घर से बिना बताये कहीं चली गयी, जिसके घर वापस नहीं आने पर पीड़िता को आस-पड़ोस एवं रिश्तेदार में पता तलाश करने के बाद उसके नहीं मिलने पर पीड़िता के पिता ने थाना-सुरेगांव में पीड़िता की गुमशुदगी की मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराने पर प्रधान आरक्षक-बलराम ठाकुर के द्वारा अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध अपराध क्रमांक-08/2024 अंतर्गत संहिता की धारा 363 का अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान उपनिरीक्षक इंदिरा वैष्णव के द्वारा पीड़िता की पतासाजी कर दिनांक 29-08-2024 को आरोपी के कब्जे से पीड़िता को बरामद कर उसकी बयान दर्ज ली, तब पीड़िता बतायी कि वर्ष 2023 में आरोपी से जान पहचान होने तथा प्रेम संबंध होने पर दिनांक 16-01-2024 को आरोपी पीड़िता को अपने साथ भाग कर नहीं जाने पर मर जाने की धमकी देकर उसे अपने मोटरसाईकल में बैठाकर नागपुर ले जाकर वहां मंदिर में उसकी मांग भरकर उसे पत्नी हो कहते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया है। पीड़िता के कथन के आधार पर आरोपी के विरूद्ध धारा 363, 366, 376 (2) (ढ) एवं सरंक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं अत्याचार निवारण अधिनियम 2989 की धारा-3 (2) (V) के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना उ.पु.अधीक्षक-देवांश सिंह राठौर के द्वारा किया गया।

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