बालोद – छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन बालोद के कर्मचारियों ने तीन दिनों तक धरना देते हुए हुंकार भरी। बालोद जिले से लगभग सभी विभागों से 10हजार कर्मचारी अधिकारी आंदोलन में शामिल रहे तथा विभिन्न विभागों के काम काज ठप रहे। यहां तक जिला अस्पताल के डॉक्टर्स, स्टॉप नर्स चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। जिससे जिला अस्पताल के मरीज भटकते नजर आए । केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ते की मांग, वर्ष 2019 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स राशि का जीपीएफ (GPF) खातों में समायोजन सहित कुल 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलनरत है, इस आन्दोलन में विभिन्न संगठनों के जिलाध्यक्षों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में तीन दिवसीय निश्चित कालीन हड़ताल को जिला बालोद के बस स्टैंड में धरना प्रदर्शन कर और काम बंद कलम बंद कर आंदोलन को सफल बनाया। हड़ताल के अंतिम दिन में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन बालोद के डेलीगेशन के द्वारा अपनी 11सूत्रीय मांगो को लेकर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान जिला प्रभारी मूलचंद शर्मा, जिला संयोजक लोकेश कुमार, महासचिव घनश्याम पुरी , विभिन्न संगठनों के जिलाध्यक्ष जिसमे मधुकांत यदु, राजेश घोड़ेसवार, वीरेंद्र देशलहरे,आर एम चावड़ा,चंद्रभान सिंह निर्मलकर, , राधेश्याम साहू, परशुराम धनेंद्र, संदीप कुमार , अहमद रजा खान,महेंद्र कुमार साहू,राजेश उपाध्याय रवि वर्मा ब्लॉक संयोजक ,नेपाल सिंग साहू, खिलानंद साहू, नवल किशोर साहू, राजस्व निरीक्षक रमेश शर्मा, राजेंद्र कोला ,पटवारी, रेखुराम साहू,यशवंत देवांगन,अनीता सिंह,चेतन यदु, गजेंद्र पूरी गोस्वामी,संतोष देशमुख ,राजेश देशमुख ,विष्णु साहू,आर एस मांडवी, शिक्षक संघ से वीरेंद्र देशमुख,पटवारी हेमेंद्र साहू,तनवी खान , सूर्यकांत देशमुख, यशवंत देवांगन,के आर उर्वशा, भूपेंद्र चाणक्य, वन विभाग से रूपराम ठाकुर,के सांथ विभिन्न संगठनों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
11 मांगो के संबंध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, अब अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी
