बालोद बंद : राज्य में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को यथाशीघ्र प्रभावी एवं सख़्ती के साथ लागू करने की उठी मांग



बालोद। धर्मांतरण के मुद्दे और कांकेर जिले में हुई घटना के विरोध में सर्व समाज छत्तीसगढ़ के आह्वान पर बालोद बंद किया गया था। जिसमें सुबह 7 बजे से दुकाने बंद थी। दोपहर में पुराना बस स्टैंड के पास एक जन आक्रोश सभा का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं के द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार से धर्मांतरण को लेकर कड़े कानून बनाने की मांग प्रमुखता से रखी। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम से प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।ज्ञापन के जरिए कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में ईसाई मिशनरी समूहों एवं भीम आर्मी द्वारा जनजातीय समाज पर किए गए हमले, जबरन शव दफन तथा प्रदेश में बढ़ते सुनियोजित सामाजिक विभाजन के विरोध एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई। सभा में शामिल वक्ताओं ने कहा कि कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हाल ही में घटित घटनाक्रम ने प्रदेश के सर्व समाज को गहरे आक्रोश और असुरक्षा की स्थिति में ला खड़ा किया है। जबरन शव दफन की कार्रवाई एवं जनजातीय ग्रामीणों के ऊपर योजनाबद्ध तरीके से जानलेवा हमले की घटना ने हमें स्तब्ध कर दिया है। यह घटना केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न नहीं है. बल्कि यह समाज की धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक गरिमा और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा आघात है। इस पूरे प्रकरण में ईसाई मिशनरी समूहों एवं भीम आर्मी से जुड़े लोगों की संगठित भूमिका सामने आई है। यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि आमाबेड़ा की घटना कोई अपवाद या पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में इसी प्रकृति की घटनाएं घटित हो चुकी हैं। ईसाई मिशनरी गतिविधियों एवं उनसे जुड़े संगठनों द्वारा अवैध धर्मांतरण, सामाजिक हस्तक्षेप और स्थानीय परंपराओं के उल्लंघन की प्रवृत्ति लगातार सामने आ रही है, जिसका दुष्परिणाम पूरे सर्व समाज को भुगतना पड़ रहा है। इससे प्रदेश में सामाजिक संतुलन एवं सौहार्द गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सर्व समाज, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेशव्यापी बंद एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में सर्व समाज के नागरिक, जनजातीय प्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठन सहभागी बने। यह सहभागिता स्वयं इस बात का प्रमाण है कि यह विषय केवल स्थानीय नहीं, बल्कि प्रदेशव्यापी चिंता का विषय बन चुका है।

ये मांग और मुद्दे रखे गए ज्ञापन के जरिए

  1. राज्य में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को यथाशीघ्र प्रभावी एवं सख़्ती के साथ लागू किया जाए, जिससे प्रलोभन, दबाव अथवा षड्यंत्रपूर्वक किए जा रहे धर्मांतरण पर नियंत्रण स्थापित हो सके। साथ ही पूरे प्रदेश में कन्वर्जन के माध्यम से उत्पन्न की जा रही सामाजिक वैमनस्य की परिस्थितियों को गम्भीरता से लेते हुए शासन-प्रशासन सख्ती बरतें, एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे।
  2. कांकेर जिले में जनजातीय समाज पर हुए संगठित हमले के लिए जिम्मेदार भीम आर्मी से जुड़े तत्वों एवं कन्वर्टेड ईसाई समूहों के सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम धाराओं के अंतर्गत तत्काल कार्रवाई की जाए।
  3. जनजातीय समाज के लोगों के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने तथा शांतिपूर्ण ग्रामीणों पर असंगत एवं अत्यधिक पुलिस बल का प्रयोग करने के गंभीर आरोपों को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक, कांकेर इंदिरा कल्याण एलेसेला का शासन द्वारा किया गया स्थानांतरण पर्याप्त नहीं है। मांग है कि उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए तथा उनकी संदिग्ध भूमिका की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
  4. शव दफन की प्रक्रिया के दौरान पक्षपातपूर्ण प्रशासनिक रवैया अपनाने तथा हिंदू समाज पर दुर्भावनापूर्ण एवं असत्य आरोप लगाने वाले एसडीएम ए. एस. पैकरा एवं तहसीलदार सुधीर खलखो को निलंबित कर उनकी संदिग्ध भूमिका की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
  5. जनजातीय ग्रामीणों के विरुद्ध पक्षपातपूर्ण ढंग से की गई पुलिस एवं प्रशासनिक कार्रवाइयों को तत्काल निरस्त किया जाए, उन पर लगाए गए आपराधिक प्रकरणों एवं धाराओं को वापस लिया जाए, तथा हिंसा एवं बल प्रयोग से पीड़ित ग्रामीणों को समुचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

यह रहे मौजूद

मुख्य वक्ता सुबोध राठी पूर्व प्रांत अध्यक्ष गौसेवक संघ, संत बीरेंद्र देशमुख, राजेंद्र राठी जिला संघ चालक, डॉ देवेंद्र माहला केंद्रीय अध्यक्ष हल्बा समाज छत्तीसगढ़,
महेंद्र साहू जिला अध्यक्ष साहू समाज, संतोष कौशिक सेन समाज,दीपक देवांगन, नरेंद्र यदु, अटल दुबे,दिलीप बघेल महार समाज, राजेश चंद्राकर कुर्मी समाज,चंद्रहास यादव,
कमलेश सोनी, राजेंद्र राय कंवर समाज पूर्व विधायक, राजा सरदार, जगदीश देशमुख, पवन गंगबेर निर्मलकर समाज, बलराम गुप्ता जिला अध्यक्ष विहिप,
पोषण बनपेला जिला मंत्री विहिप, राजेश सोनी जिला कोषाध्यक्ष विहिप, यज्ञदत्त शर्मा, पवन साहू, गोपाल साहू, कृष्णकांत पवार, यशवंत जैन, राकेश यादव, प्रतिभा चौधरी पालिका अध्यक्ष, तोमन साहू जिला पंचायत उपाध्यक्ष, होरीलाल रावटे, भुनेश्वरी ठाकुर,निशा योगी ,पूजा जैन,श्रीमती सत्या साहू,उषा साहू, अमित चोपड़ा, विनोद साहू, संतोष साहू, निर्मल साहू, रूपेंद्र सिन्हा, सुरेश निर्मलकर, जितेंद्र साहू,प्रशांत पवार,उमेश सेन,मोनू सोनवानी,प्रदीप मिनपाल,शिव धरमगुडे,प्रेम साहू,गिरजेश गुप्ता, राजेश्वर राव, दीपक यादव सहित अन्य समाज प्रमुख मौजूद थे।

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