ऐसा भी हो रहा.. कागजों में निर्माण, नालियां बनी नहीं और विभाग ने नेशनल हाईवे को बता दिया कंप्लीट, जागरूक पार्षद सुमित शर्मा ने उठाया मुद्दा



बालोद। नेशनल हाईवे 930 जो झलमला से शेरपार तक बनाया गया है। इस मार्ग के निर्माण को विभाग ने सितंबर 2025 में पूर्ण होना बता दिया है। पर हकीकत यह है कि सड़क का निर्माण नालियों के बगैर अधूरा ही है। ये हकीकत सामने आई है बालोद शहर के गंजपारा में। जहां पर बालोद से झलमला की ओर जाने वाले मार्ग पर आज भी नालियां अधूरी है। नेशनल हाईवे के तहत काम करने वाले ठेकेदारों ने नाली बनाई ही नहीं है और पूर्णता का रिपोर्ट दे दिया है। ऐसे में सवाल यही उठता है कि क्या अधिकारी सिर्फ कागजी कार्यवाही कर रहे हैं और वाहवाही लूट रहे हैं । नाली नहीं बनने के चलते आगामी दिनों में पानी निकासी की समस्या गहरा सकती है। इस बात पर चिंता जाहिर करते हुए बालोद वार्ड 12 के पार्षद सुमित शर्मा ने कहा कि संबंधित ठेकेदार और विभाग द्वारा लापरवाही बरती गई है। नाली बनाई ही नहीं गई है। आज तक नाली का निर्माण अधूरा है। इस अधूरे नाली में अभी से जाम होने लगी है। यही स्थिति रहा तो आने वाली बरसात में दिक्कत और बढ़ जाएगी। यहां पर आसपास के कई वार्डो का पानी निकासी होता है। नाली अधूरा होने और कचरो से जाम होने के चलते आगे चलकर निकासी व्यवस्था काफी प्रभावित हो सकती है। विभाग को काम पूरा होने के बाद वाहवाही लूटाना चाहिए ना कि अधूरा निर्माण में ही जनता को गुमराह किया जाना चाहिए।

कितना महत्वपूर्ण है ये नेशनल हाईवे

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 के साथ-साथ बालोद जिले में नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 बनने से बालोद जिले का नाम अब बेहतर एवं सुगम यातायात की दृष्टि से देश एवं प्रदेश के नक्शे में शामिल तो हुआ है। पर अधूरा नाली निर्माण विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। ये सड़क केवल सुगम यातायात का ही माध्यम नही होता अपितु यह सभ्यता एवं संस्कृतियों का प्रसार तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भी महत्वपूर्ण एवं कारगर माध्यम होता है। जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला से लेकर मोहला मानपुर जिले के ग्राम शेरपार तक सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।

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