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सीबीआई की चार्जशीट से साफ, बिरनपुर मामले में भाजपा ने सांप्रदायिक और जातीय कार्ड खेला था : कांग्रेस

बालोद। बिरनपुर मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में अपनी चार्ज शीट दाखिल किया है। खबरो में सीबीआई की चार्ज शीट के तथ्य भी सार्वजनिक हुए है।सीबीआई ने चार्ज शीट में घटना का विस्तृत विवरण दिया है. उनकी विवेचना में स्पष्ट हुआ है कि यह घटना क्रम दो बच्चों के झगडे से शुरू हो कर दो परिवारों तक पहुंचा और बाद में यह दो समुदायों का झगड़ा बन गया। सीबीआई ने अपनी जांच में यह भी पाया कि इस घटना में कोई राजनैतिक षड्यंत्र नहीं था, यह एक मामूली झगड़ा था, जिसने खूनी रूप ले लिया। इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेसियों द्वारा विभिन्न जिलों में प्रेस वार्ता रखी जा रही है ताकि जनता तक इस घटना की सच्चाई सामने आ सके। इस क्रम में जिला कांग्रेस भवन बालोद में प्रेस वार्ता लेने के लिए जिले के प्रभारी,कांग्रेस नेता और डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू पहुंचे। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सीबीआई जांच के बिन्दु भाजपा सरकार ने तय किया था यदि जांच के बिन्दु में घटना के बाद के राजनैतिक षडयंत्र होता तो भाजपा बेनकाब हो जाती। बिरनपुर मामले में सीबीआई की चार्ज शीट से साफ हो गया कि, उस समय भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार और कांग्रेस पार्टी पर जो आरोप लगाया था वह झूठा था। यह आरोप भाजपा की चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से की गई राजनैतिक साजिश थी। सीबीआई की चार्जशीट ने भाजपा का काला चेहरा सामने रख दिया। भाजपा ने उस समय घटना को सांप्रदायिक और जातीय रंग दे कर राजनैतिक लाभ लेने का षड्यंत्र रचा था। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अरुण साव घटना के बाद वहां जा कर पूरे घटना क्रम को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किए और उसमें वे सफल भी रहे। अरूण साव जब घटना स्थल गये थे, तब उनके सामने आगजनी की गयी थी, वे वहां पर भड़काऊ भाषण दिये थे। इस मामले को लेकर भाजपा ने एक समाज को कांग्रेस के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में भी पूरे प्रदेश में इस झगड़े को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह सभी ने ने अपनी चुनावी सभा में इस दुर्भाग्य जनक घटना को धार्मिक और जातीय झगड़े से जोड़ के प्रस्तुत किया। भाजपा ने मृतक भुनेश्वर के पिता ईश्वर साहू को टिकिट दे कर सहानुभूति बटोरने की साजिश किया। सीबीआई की जांच यह भी साफ हो गया कि उस समय कांग्रेस की सरकार ने जो कार्यवाही की, घटना के लिए जिम्मेदार मान कर जिन लोगों की गिरफ्तारियां की वह सही थी। भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का झूठा और मनगढ़ंत आरोप लगाया था तथा भाजपा नेताओं ने उस समय राजनैतिक लाभ लेने ध्रुवीकरण के लिए गलत बयानी किया था। ईश्वर साहू भी अपने बयानों में जिस व्यक्ति अंजोर यदु पर आरोप लगाते थे, उसे भी सीबीआई ने दोषी नहीं माना है, सीबीआई की चार्ज शीट में इसका कोई उल्लेख नहीं है। इससे साफ है कि बिरनपुर मामला भाजपा की सोची समझी साजिश थी। भाजपा के इस षड्यंत्र का कांग्रेस को राजनैतिक रूप से नुकसान हुआ। सीबीआई की चार्ज शीट के बाद तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान उप मुख्यमंत्री अरुण साव में जरा भी नैतिकता हो तो अपने पद से त्याग पत्र दे कर छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने गैर जिम्मेदाराना भाषण के लिये छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगे। प्रेस वार्ता के दौरान प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, बालोद विधायक संगीता सिन्हा, बंटी शर्मा, यज्ञदेव पटेल सहित अन्य मौजूद रहे।

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