क्वांर शुक्ल पक्ष चतुर्थी से शरद पूर्णिमा तक जारी रहेगी आराधना, ग्रामीण मना रहे हैं विनायक चतुर्दशी

नेमन साहू डौंडीलोहारा/बालोद । डौंडीलोहारा ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे गांव जुन्नापानी में नवरात्रि में भी गणपति महाराज पूजे जाते हैं। दरअसल में यहां नवरात्र पर गांव में अलग से दुर्गा प्रतिमा स्थापित नहीं की जाती है बल्कि यहां के जो दंतेश्वरी मंदिर है, वहीं पर ही मां दुर्गा की स्थाई प्रतिमा स्थापित की गई है। मंदिर में ही जाकर लोग नवरात्रि की पूजा अर्चना करते हैं। पर गांव में नवरात्रि के दौरान ही क्वांर पक्ष के चतुर्थी के दिन से शरद पूर्णिमा तक यहां गणपति जी की पूजा की जाती है। गांव वासियों और युवाओं द्वारा मिलकर यहां भव्य गणपति की प्रतिमा विराजित की गई है। जिसकी आराधना जारी है। कुछ ग्रामीणों का यह भी मानना है कि हम असल में कार्तिकेय जी की पूजा करते हैं जो गणेश जी के भाई हैं, पर मूर्ति गणेश जी की ही विराजित की जाती है। क्वांर शुक्ल पक्ष या यू कहे हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्दशी मनाया जाता है। जो कि पूर्णिमा तक जारी रहता है। नवरात्रि पक्ष में इस आयोजन के क्रम में जुन्नापानी में दीप महायज्ञ संपन्न हुआ। दुर्गा महानवमी के दिन 301 दीप प्रज्वलित कर दीप महायज्ञ किया गया। नव जागृति गणपति उत्सव समिति के द्वारा समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से क्वार माह शुक्ल पक्ष चतुर्थी से लेकर शरद पूर्णिमा तक भगवान गणपति महाराज जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा ग्राम में 26 वर्षों से चली आ रही है। जब से भगवान गणपति महाराज जी की प्रतिमा स्थापना प्रारंभ हुआ है, तब से समस्त ग्राम वासियों का 11 दिवसीय आयोजन में भरपूर सहयोग मिलता है। मान्यता है कि दुर्गा महानवमी के दिन संध्याकालीन बेला में मां दंतेश्वरी दशहरा मनाने हेतु गांव में आती है, उसी समय माता रानी की अगवानी के निमित्त दीप प्रज्वलित कर दीप महायज्ञ संपन्न किया जाता है। आयोजन समिति के द्वारा गणपति स्थल पर दशहरा पर्व की पावन बेला में महतारी की माया रामधुनी परिवार ग्राम भरदा डौंडीलोहारा लोहारा का कार्यक्रम हुआ तो शरद पूर्णिमा के दिन नव किरण नाच पार्टी भंडारपुर डोंगरगढ़ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति के संरक्षक खम्भन देवांगन , अध्यक्ष सुरेश कुमार ठाकुर, उपाध्यक्ष रोहित कुंजाम, सचिव डीलेश्वर साहू हैं। गणेश पक्ष में भी यहां के युवा और बच्चे अपने-अपने हिसाब से अलग-अलग जगह पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना करते हैं। पर नवरात्र के दौरान गणपति की स्थापना सभी के सहयोग से एक जगह पर की जाती है। जिसकी पूजा शरद पूर्णिमा तक की जाती है। आसपास के वनांचल गांव में जुन्नापानी में ही इस तरह की अनोखी परंपरा कायम है।
