
ऐसी उपलब्धि जो सीना चौड़ा कर दे : बालोद जिले के तोमन कुमार ने पैरा विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में दो खिताब दिलाए, एकल मे जीता है स्वर्ण, जम्मू कश्मीर की खिलाड़ी शीतल के साथ मिश्रित स्पर्धा में जीते हैं कांस्य पदक
बालोद– मूलतः बालोद जिले डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम पंचायत अहिबरन नवागांव के रहने वाले पैरा तीरंदाज खिलाड़ी तोमन साहू ने दक्षिण कोरिया में चल रहे विश्व स्तरीय पैरा तीरंदाज में गोल्ड मेडल जीता है। वे सीआरपीएफ के जवान है। अभी रायपुर में उनकी पोस्टिंग है। 2017 से वे देश सेवा के क्षेत्र में लगे हुए हैं। पर कुछ साल पहले झारखंड में नक्सलियों द्वारा लगाए गए बम के दौरान धमाके में उन्हें एक पैर गवाना पड़ा। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तीरंदाजी में हुनर आजमाया । आज वे विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनकर विजेता के रूप में उभरे रहे हैं। तोमन साहू की उपलब्धि से बालोद जिला गौरवान्वित है तो वही उनके गांव अहिबरन नवागांव में जश्न का माहौल है। इस अवसर पर उनके दोस्त घीना के रहने वाले तामेश्वर सिन्हा सहित अन्य लोगों ने उन्हें बधाई प्रेषित की है। तोमन साहू एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके माता-पिता खेती किसानी करते हैं। बेटे की दक्षिण कोरिया में इस उपलब्धि से माता-पिता सहित पूरे गांव वालों का गर्व से सीना चौड़ा हो गया है।
जानिए तोमन के बारे में

सीआरपीएफ के जवान तोमन साहू निवासी अहिबरन नवागांव जिला बालोद अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज है। असल में तोमन 209 सीआरपीएफ कोबरा बटालियन जाबांज जवान रहे हैं। जिसने फरवरी 2022 में झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार थाना अंतर्गत नक्सलियों के विरुद्ध ऑपरेशन डबलबुल चलाया गया। जिसमें नक्सलियों से लड़ाई के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाया गया प्रेशर आईईडी के चपेट में तोमन कुमार का एक पैर आ गया था। ऑपरेशन के बाद उन्हें आर्टिफिशियल पैर लगाया गया है। अभी हाल ही में चेक गणराज्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाते हुए चौथा स्थान प्राप्त किए थे। अब उन्होंने पैराओलंपिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 27 सितंबर को दक्षिण कोरिया में भाग लिया। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ मुख्यालय हैदराबाद एवं रायपुर स्थित कार्यालय से उन्हें तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए अच्छा सहयोग प्राप्त हो रहा है। अनेक कठिनाईयों को झेलते हुए उन्होंने पैरा ओलंपिक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रात दिन मेहनत की है। तोमन के अनुसार झारखंड में नक्सली मोर्चें में मुठभेड़ के दौरान बम ब्लास्ट होने से उनके पैरों में सांघातिक चोट आई है। इसके बाद भी वे निरंतर अभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली तीरंदाजी प्रतियोगिता में देश एवं प्रदेश के लिए स्वर्ण पदक लाने के लिए अभ्यासरत है। अब कोरिया में स्वर्ण पदक लाकर उन्हें बहुत खुशी हो रही। उन्होंने दक्षिण कोरिया में हुई प्रतियोगिता में एकल वर्ग में स्वर्ण पदक और डबल मिश्रित स्पर्धा में जम्मू कश्मीर के खिलाड़ी शीतल देवी के साथ में कांस्य पदक हासिल किया है।
ऐसा रहा परिणाम दक्षिण कोरिया में

भारत के तोमन कुमार ने शनिवार को विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहली तीरंदाज बनकर इतिहास रच दिया है तोमन कुमार ने पुरुष वर्ग में खिताब जीता जिससे देश ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। भारत के लिए शनिवार को दो विश्व चैंपियन बने जिससे देश ने अभी तक कुल पांच पदक जीत लिए। शीतल ने दिन में इतिहास रचा, उन्होंने महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में तुर्किये की दुनिया की नंबर एक पैरा तीरंदाज ओजनूर क्यूर गिर्डी को 146-143 से पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। शीतल स्पर्धा में बिना बाजू वाली एकमात्र पैरा तीरंदाज हैं। वह निशाना लगाने के लिए अपने पैरों और ठुड्डी का इस्तेमाल करती हैं और यह चैंपियनशिप में उनका तीसरा पदक है। बल्कि इससे पहले बिना बाजू वाले किसी तीरंदाज ने स्वर्ण पदक 2022 में दुबई विश्व चैंपियनशिप के दौरान जीता था जिसमें अमेरिका के मैट स्टुट्जमैन पोडियम में शीर्ष पर रहे थे। इससे पहले शीतल और सरिता ने कंपाउंड महिला ओपन टीम स्पर्धा के फाइनल में तुर्किये से हारकर रजत पदक जीता। शीतल ने तोमन कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीता था। फिर तोमन कुमार ने कंपाउंड पुरुष वर्ग का खिताब अपने नाम किया क्योंकि एक अन्य भारतीय राकेश कुमार को तकनीकी दिक्कत के कारण हटने के लिए बाध्य होना पड़ा जिससे वे फाइनल में 20-40 से हार गए। पेरिस पैरालंपिक के कांस्य पदक विजेता राकेश को धनुष में ‘पुली’ की समस्या के कारण चार शॉट के बाद हटना पड़ा। इससे विश्व चैंपियनशिप में पदार्पण कर रहे तोमन ने चार सटीक तीर के साथ खिताब अपने नाम कर लिया।
