गुरुर। ग्राम कनेरी में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई। जनार्दन सिन्हा ने कहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय राजनीतिक चिंतन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके एकात्म मानववाद के दर्शन ने आध्यात्मिक और भौतिक मूल्यों का सम्मिश्रण किया और सामाजिक समरसता एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया। उन्होंने भारतीय जन संघ की स्थापना की और भारत के राजनीतिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी थी। कार्यक्रम में सरपंच दिनेश्वरी पन्नालाल सिन्हा ने कहा उपाध्याय जी ने एकात्म मानववाद का दर्शन प्रस्तुत किया। उन्होंने एक विकेंद्रीकृत राजनीतिक व्यवस्था और गांव पर केंद्रित आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की कल्पना की। उनके विचार भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों में निहित थे और सामाजिक समरसता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते थे। उनकी सोच समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजना पहुंचे और उसका लाभ मिले। इस अवसर पर जनार्दन सिन्हा, दिनेश्वरी पन्नालाल सिन्हा सरपंच, पंचगण विशाल सिंह बघेल, गैदीबाई विश्वकर्मा, अन्नपूर्णा डहरे , सनत ठाकुर, हेमलाल ऊईके, खेमलाल सिन्हा, होरीलाल ठाकुर, रेखराम पटेल , महेशराम सिन्हा , जानू राम साहू , चैन सिंह सिन्हा, श्यामलाल साहू , गजराज यादव, द्वारिका साहू, जगजीवन ठाकुर, रखो हरि साहू पद्मिनी साहू, उमाबाई साहू, कांतिबाई मानिकपुरी, गंगाधर यादव, शंभू देव सिन्हा, कृष्णा यादव, कृष्ण मुरारी यादव उपस्थित थे।
कनेरी में मनाई गई उपाध्याय की जयंती
